फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: भूथन कलां में मृत पशुओं का मांस खाने से हिंसक हो रहे कुत्ते, लोगों को भी काट रहे

Wed, 12 Feb 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
गांव भूथन कलां की हड्डा रोड़ी।
विज्ञापन
फतेहाबाद। गांव भूथन कलां में आबादी के बीच हड्डा रोड़ी होने से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि यहां से उठने वाली बदबू से उनका जीना मुहाल हो गया। वहीं मृत पशुओं का मांस खाने से कुत्ते हिंसक हो गए हैं वे लोगों को भी काट रहे हैं।
विज्ञापन


ऐसे में प्रशासन और पंचायत से मांग है कि इसे आबादी से दूर स्थापित किया जाए। दरअसल गांव बसने के समय मृत पशुओं काे डालने के लिए पंचायती भूमि पर हड्डा रोड़ी बनाई गई थी। धीरे-धीरे गांव की आबादी बढ़ने से यह जगह बीच में आ गई। वर्तमान में इसके आसपास करीब 30 घर बने हुए हैं।

स्थानीय नागरिक पवन, महेंद्र, बूटा सिंह, ओमप्रकाश और सोनू ने कहा कि कुत्ते इन मृत पशुओं का मांस खाकर हिंसक हो रहे हैं। वे लोगों को काटने के साथ पशुओं को भी काट रहे हैं। इसके अलावा मृत पशुओं के मांस को कुत्ते और पक्षी इधर-उधर भी फैला रहे हैं। लोगों ने पंचायत और प्रशासन से समस्या के समाधान के लिए हड्डा रोड़ी को गांव से दूर स्थापित करने की मांग की है।
विज्ञापन


दो वर्षीय बच्चे को काट कर घायल कर चुके कुत्ते

बता दें कि 8 फरवरी शनिवार को अपने घर के बाहर खेल रहे दो वर्षीय बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया। जिसमें वह घायल हो गया। लोगों की माने तो कुछ दिन पहले एक कुतिया ने गांव के करीब 20 पशुओं को काट लिया था।

मृत पशुओं का मांस खाने से कुत्तों को मांस खाने की लत हो जाती है। जिसके बाद उनके हिंसक होने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। ऐसे में मांस नहीं मिलने पर वे इंसानों और पशुओं को काटने लगते हैं। अगर ये पालतु पशु को काट लें तो पशुपालक अपने पशुओं को रैबीज रोधी टीका लगवा लें ताकि बीमारी से बचाव हो सके। मृत पशुओं की बदबू से कई प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं। -डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, डेयरी एवं पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।

मेरे घर के पास हड्डा रोड़ी है। जिससे पूरा दिन मृत पशुओं की बदबू से परेशानी झेलनी पड़ती है। मृत पशुओं का मांस खाने से कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। गांव के करीब 20 पालतु पशुओं को एक कुतिया ने काट लिया है। जिससे रैबीज की बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। -पवन कुमार, ग्रामीण।

गांव के बीच हड्डा रोड़ी होने से मृत पशुओं के अंगों को कुत्ते उठा ले जाते हैं और उन्हें इधर-उधर फेंक देते हैं। जिससे गांव की गलियों में हड्डियां देखने को मिलती हैं। हड्डा रोड़ी को गांव से कहीं दूर बनाकर उसकी चहारदीवारी बनाई जाए ताकि समस्या का समाधान हो सके। -मदनलाल चाहर, ग्रामीण

गांव की हड्डा रोड़ी से चमड़ा व्यापारी मृत पशुओं की खाल निकालकर ले जाते हैं। जिसके बाद उन मृत पशुओं का मांस कई-कई दिनों से बदबू मारता रहता हैं। इस बारे में कई

बार ग्राम पंचायत में मुद्दा उठाया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीण समस्या से परेशान है। प्रशासन को जल्द समाधान करवाना चाहिए। -राजकुमार, ग्रामीण

हड्डा रोड़ी गांव की आबादी के बीच में आ चुकी है। मृत पशुओं का मांस खाने से आवारा कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। वे घरों में बंधे पालतू पशुओं को काटकर घायल कर रहे हैं। जिससे उन पशुओं में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। वहीं अब ये कुत्ते बच्चों को भी काटने लगे हैं। प्रशासन को समस्या का समाधान जल्द से जल्द करवाना चाहिए। -महेंद्र सिंह, ग्रामीण
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें