रतिया। नगर पालिका कार्यालय में मंगलवार दोपहर बाद बजट बैठक चेयरपर्सन प्रीति खन्ना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें एक पार्षद को छोड़कर अन्य 16 ने भाग लिया।
बैठक में पार्षदों ने नगर पालिका अधिकारियों पर अवैध कॉलोनी में गलियां बनाकर कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने सहित घोटाले करने के आरोप लगाए। इसके बाद पार्षदों ने बजट पास करने से इन्कार कर दिया।
बैठक के दौरान पार्षद विजय कुमार व अन्य पार्षदों ने नगरपालिका अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे खस्ताहाल कॉलोनी में विकास कार्य करवाने के बजाय उन कालोनियां में विकास कार्य करवा रहे हैं जिन्हें कॉलोनाइजर द्वारा काटा गया है। लाखों रुपये की लागत से जो स्ट्रीट लाइट की खरीद की गई थी उसमें भी घोटाला किया गया है। सभी जगह स्ट्रीट लाइट लगाने के सामान को खुर्द बुर्द कर दिया गया है।
पार्षद विजय कुमार ने कहा कि जब तक पिछले बजट का हिसाब उनको नहीं दिया जाता तब तक कोई भी पार्षद बजट पास नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि जिन निजी कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने के लिए अवैध कॉलोनी में काम करवाया गया उसकी मुख्यमंत्री को शिकायत की गई है। जांच में सच्चाई का पता चल लाएगा
पार्षद अजमेर सिंह ने कहा कि नगर पालिका की कई विवादित दुकानें व अन्य जमीन का मामला नगर पालिका अदालतों में जीत चुकी है इसके बावजूद भी उन जगहों पर कब्जा नहीं लिया जा रहा है। मंगलवार दोपहर बाद बजट पास करने के लिए नगर पालिका के पार्षदों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें उप प्रधान जोगिंदर नंदा, सचिव शुभम कुमार, लेखाकार अनिल मित्तल, कनिष्ठ अभियंता हवा सिंह व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
21.43 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जाना था
बैठक में 21 करोड़ 43 लाख रुपये का बजट पास किया जाना था। जिसमें करीब 6 करोड़ 38 लाख रुपये वेतन, 8 करोड़ 85 लाख रुपये विकास कार्य और 3 करोड़ रुपये मरम्मत कार्यों पर खर्च किए जाने थे। इससे पूर्व भी दो बार बैठक में बजट पास नहीं हुआ था। बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही बजट पास हो पाया था अब तीसरी बार फिर से बजट पास नहीं हो पाया।
बजट पास करने के लिए मंगलवार को पार्षदों की बैठक बुलाई गई थी लेकिन उनके द्वारा बजट पास करने से इन्कार कर दिया गया। मंगलवार की बैठक में बजट पास नहीं हो पाया है।
शुभम कुमार, सचिव, नगर पालिका रतिया।