बुजुर्गों व गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के कोरोना टीकाकरण को लेकर तीसरा चरण सोमवार को शुरू हो गया। पहले दिन तीसरा चरण में टीकाकरण का अभियान ठंडा रहा। कोविन पोर्टल में अपडेशन का कार्य के चलते दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद पंजीकरण शुरू हो पाया। तीसरे चरण के टीकाकरण के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने तीन अस्पतालों में सेशन तय किए थे। इसमें दो निजी अस्पताल भी शामिल थे लेकिन निजी अस्पतालों ने टीकाकरण अभियान शुरू करने से मना कर दिया। निजी अस्पतालों ने तर्क दिया कि जब सरकारी अस्पताल में निशुल्क लग रहा है तो यहां कोई नहीं आएगा। इसके चलते जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल में ही सीनियर सिटीजन के लिए कोरोना टीकाकरण सेशन लगा। सेशन के लिए मेजर डॉ. शरद तुली को नोडल अधिकारी लगाया गया है।
पहले दिन दिन जिले में 20 बुजुर्गों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। बुजुर्गों को कोवैक्सीन की पहली डोज दी गई। जिला मुख्यालय में पहला टीका चार मरला कॉलोनी निवासी ईश्वर चंद्र को लगाया गया।
250 रुपये का नाम सुनते ही बुजुर्गों ने टीका लगवाने से किया मना : तीसरे चरण के ट्रायल के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, फतेहाबाद में निजी अस्पताल जयपुर बच्चों का अस्पताल और टोहाना में आरएमसी का चयन किया था। जयपुर बच्चों के अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक वैक्सीन नहीं पहुंची। अस्पताल संचालक ने कहा कि जब नजदीक नागरिक अस्पताल में फ्री लग रहा है तो यहां कोई नहीं आएगा। इसके चलते यहां सेशन नहीं लगा। टोहाना के आरएमसी अस्पताल में पंजीकरण होने के बाद जब 250 रुपये फीस मांगी गई तो बुजुर्गों ने मना कर दिया। इसके चलते सिर्फ नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में ही कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया।
अब आप खुद भी कर सकते है पंजीकरण
कोविन पोर्टल में अपग्रेड के बाद पात्र लोग खुद भी पंजीकरण कर सकते है। कोविन पोर्टल, आरोग्य सेतु एप से पंजीकरण कर सकते हैं। अस्पताल में पंजीकरण के दौरान बुजुर्गों को फोटो व आईडी प्रूफ दिखाना होगा। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को अपने विभाग का आईडी कार्ड दिखाना होगा।
20 गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का होगा टीकाकरण : बुजुर्गों के अलावा 45 से 59 साल के ऐसे लोगों को भी तीसरे चरण में शामिल किया गया है जो कि गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इसमें 20 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया। मुख्य तौर पर दिल, कैंसर, शुगर, एचआईवी आदि शामिल है लेकिन अहम बात यह है कि इन मरीजों को डॉक्टरों से सत्यापित करवाना होगा कि वह गंभीर बीमारी से पीड़ित है।
आशा वर्कर और एएनएम डोर टू डोर जाकर टीका के लिए बताएंगी : बुजुर्गों का टीकाकरण शुरू हो गया है लेकिन कई बुजुर्गों को इस बारे में जानकारी नहीं है। आशा वर्कर और एएनएम घर घर जाकर बुजुर्गों को टीका लगवाने के लिए बताएंगी। - डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।