फतेहाबाद। जिला मुख्यालय को अन्य प्रमुख शहरों व कस्बों से जोड़ने वाले मुख्यमार्गों पर नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए अवैध कटों से वाहन चालकों को हादसों की आशंका हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर लोगों ने अपनी निजी संपत्तियों, दुकानों, होटलों और कॉलोनियों को सीधा रास्ता देने के लिए मनमर्जी से डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए हैं। इन कटों के कारण राज्य राजमार्गों पर तेज गति से आने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
शहर से होकर गुजरने वाले भट्टूकलां रोड पर सबसे ज्यादा 34 कट बने हुए हैं, जिनमें से अधिकांश कट पूरी तरह अवैध हैं। सिरसा-हिसार रोड पर 24 कट बने हुए हैं। रतिया रोड पर 15 कट बना दिए गए हैं। यातायात नियमों के अनुसार, रोड के बीच कट बनाने के लिए किसी भी मुख्य मार्ग या नेशनल हाईवे पर डिवाइडर के बीच एक निश्चित और सुरक्षित दूरी होनी चाहिए लेकिन फतेहाबाद में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है।
यहां कई जगहों पर 100 मीटर से भी कम दूरी पर एक के बाद एक कट बना दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अपनी निजी प्रॉपर्टी या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के सामने सीधा यू-टर्न या प्रवेश मार्ग बनाना है, ताकि उनके ग्राहकों को घूमकर न आना पड़े।
बढ़ रहा है हादसों का ग्राफ
इन अवैध कटों की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय में होती है। तेज रफ्तार से आ रहे चारपहिया और दुपहिया वाहन चालक अचानक सामने आने वाले इन अवैध कटों का अंदाजा नहीं लगा पाते। कई बार इन कटों से अचानक कोई वाहन या आवारा पशु हाईवे पर आ जाता है जिससे पीछे से आ रहे वाहन अनियंत्रित होने का डर रहता है।
प्रशासन की चुप्पी, नहीं हो रही कार्रवाई
शहरवासी श्यामलाल, गिरधारी, जोतराम और अमरदीप का कहना है कि नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। विभाग ने खानापूर्ति के लिए कुछ कटों पर पत्थर या बैरिकेड्स रख दिए जाते हैं जिन्हें बाद में लोग फिर से हटा देते हैं। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इन सभी अवैध कटों का तुरंत दोबारा सर्वे करवाया जाए और इन्हें कंक्रीट की दीवार बनाकर पक्के तौर पर बंद किया जाए ताकि भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सके।
शहर में जितने के मुख्यमार्गों पर जितने भी कट बने हुए हैंं उनकी जांच करवाई जाएगी। अगर कोई कट अवैध तरीके से बना हुआ है तो उस पर संज्ञान लिया जाएगा।
-गुलशन कुमार, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, फतेहाबाद।