पत्र में पूछा गया है कि कार्यक्रम में शराब क्याें चलाई गई जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के ऊपर मंथन किया जा रहा था।
उच्च
अधिकारियों की मौजूदगी में उड़ाए गए इस कार्यक्रम के मजाक के खिलाफ अब
आवाजें भी उठने लगी हैं। आंगनबाड़ी वर्कराें ने एडीसी के खिलाफ कार्रवाई की
मांग की है तो बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव विनय शर्मा ने एसपी को ज्ञापन
देकर कार्यक्रम में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार
रात को आईएमए, जिला प्रशासन व डॉक्टर सेव डॉटर फाउंडेशन के तहत एक नेता के
पैलेस में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया
गया था।
कार्यक्रम में शहर के जाने माने चिकित्सक, एडीसी राजेश
जोगपाल, सीएमओ डा.सूरजभान कंबोज, एसएमओ डा.ओपी दहमीवाल, डा.पंकज वत्स,
फरीदाबाद, गुड़गांव से आए एक्सपर्ट व कई सरकारी चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड
संचालक मौजूद थे।
कार्यक्रम के शुरू होते ही बेटी बचाने पर चर्चा
शुरू हुई। इसके साथ ही शुरू वेटर शराब भी सर्व करते रहे। इस दौरान एडीसी के
आगे भी शराब की बोतल रखा साफ दिखाई दिया।
हैरत की बात यह है कि जब
एडीसी बेटी बचाओ अभियान पर भाषण दे रहे थे तब भी उनके सामने शराब की
बोतलें पड़ी थी। इस दौरान न ही किसी ने इसका विरोध किया न बोतलों को हटाने
की बात कही।
पूरे कार्यक्रम के दौरान एक तरफ भाषणबाजी चलती रही और
दूसरी ओर शराब व कबाब का जमकर प्रयोग होता रहा। बात मीडिया में आई तो
प्रशासन के हाथ पांव फूलते नजर आए।
पूरे कार्यक्रम को आईएमए का
कार्यक्रम दिखाने का भरसक प्रयास किया गया लेकिन मौके पर लगे बैनर में साफ
लिखा था कि यह कार्यक्रम प्रशासन व चिकित्सकों द्वारा करवाया गया है।
बड़ी
बात यह है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नामक कार्यक्रम में जमकर पैसा भी बहाया
गया। जबकि आईएमए के प्रधान कह रहे हैं कि यह कार्यक्रम उनका निजी था।
उन्होंने
अधिकारियों के निमंत्रण दिए थे। कार्यक्रम के बाद डाक्टर वत्स का जन्मदिन
को लेकर पार्टी रखी गई थी। इसमें बकायदा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बैनर भी
लगे हुए थे।
क्या कहते हैं डीसी
इस बारे में डीसी एनके
सोलंकी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते
हुए एडीसी व सीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दोनों ही
अधिकारियों को बकायदा बाय हैंड नोटिस जारी किया गया है।