संवाद न्यूज एजेंसी
रतिया। अगर किसी छात्रा के साथ गलत हरकत होती है तो वो इस बारे में परिजनों और पुलिस को तुरंत सूचित करे। पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। इसके अलावा आजकल साइबर क्राइम बढ़ गया है इससे बचने का तरीका जागरूकता ही है। वहीं छात्राएं वाहन संचालन करने से पहले यातायात नियमों के बारे में जानकारी लें।
उक्त बातें शहीद दविन्द्र सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में वीरवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में डीएसपी संजय बिश्नोई ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहीं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी ने छात्राओं से कहा कि अगर कोई व्यक्ति गलत हरकत करता है तो तुरंत परिजन, कॉलेज स्टॉफ और पुलिस को सूचना दें। अगर छात्रा शिकायत नहीं देगी तो शरारती तत्व का हौसला बढ़ता जाएगा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय में पहुंचने पर प्राचार्य परमजीत संधा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय, ओटीपी फ्रॉॅड, सोशल मीडिया हैकिंग, साइबर स्टॉकिंग जैसे विषयों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही कानून और डिजिटल दुनिया की खतरों, यातायात नियमों की पालना करने व नशे से दुष्प्रभाव बारे जागरूक किया गया। कार्यक्रम का संचालन कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. सुरेंद्र ने किया।
डीएसपी संजय बिश्नोई ने कहा कि आज के बदलते दौर में जहां तकनीकी ने जीवन को सहज बनाया है वही साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं ने गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं, इसलिए एक छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है। इसके लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। कार्यक्रम में प्रो. रीतु, डॉ. कुलदीप सिंह, प्रो. जसबीर, डॉ.. सैन कुमार, डॉ. सज्जन सिंह, प्रो. बिन्दु, डॉ. सीमा, डॉ. स्नेहलता, प्रो. सर्बजीत कौर, मुक्ता शर्मा, सोहनलाल और छात्राएं उपस्थित रहीं।
यातायात नियमों का पालन जरूरी
सब इंस्पेक्टर प्रियंका ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एटीएम बूथ पर मदद के नाम पर मौके पर खड़े अपराधी लोग वारदात को अंजाम दे सकते हैं। सोशल साइट पर अगर कोई भी आपको चीज सस्ती मिल रही है तो उसके प्रलोभन में न आएं। अगर कोई भी साइबर क्राइम होता है तो डायल 112 पर सूचना दें। प्रियंका ने छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों का भी आसान तरीके से जवाब दिया।
इसके अलावा छात्राएं यातायात नियमों का पालन करें। 18 साल से पहले वाहन न चलाए। स्कूटी चलाते समय हेलमेट का प्रयोग और कार चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगाए।
उन्होंने कहा कि बढ़ते नशे में समाज को खोखला कर दिया है इसलिए अगर परिवार में कोई नशे की चपेट में आ चुका है तो टीम को सूचना दें। टीम काउंसलिंग और उपचार के माध्यम से नशा छुड़वाएगी।
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साइबर क्राइम के बारे में जागरूक होना जरूरी
प्राचार्य परमजीत संधा ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में छात्राओं को बहुत ही अच्छी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे जागरूक करना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम से विद्यार्थियों को युवा अवस्था से ही जानकारी होना जरूरी है। नशा व ट्रैफिक नियमों के बारे जानकारी मिलने से विद्यार्थियों की नींव मजबूत होगी, जिससे वो भविष्य में गलत संगत में नहीं जाएगा।
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कार्यक्रम में एक ही मंच पर साइबर क्राइम से बचाव, नशे से कैसे बचा जाए और ट्रैफिक नियमों तथा महिला अधिकारों के बारे में जानकारी मिली है। इस तरह के कार्यक्रम से अच्छी जानकारी मिलती है और हम अपराध से बच सकते हैं।
-अंजलि कौर, छात्रा बीए अंतिम वर्ष।
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सोशल मीडिया अकाउंट पर अनजान से दूरी बनाए रखने तथा फेक कॉल आने पर पुलिस में सूचना देने के बारे में बताया गया। इसके अलावा नशे और मोबाइल फोन का प्रयोग करते समय सावधानियां बरतने के बारे में जागरूक किया गया।
-अक्की कौर, छात्रा बीए अंतिम वर्ष।
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कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता आई है। आज के समय में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, ऐसे कार्यक्रम से हमें साइबर क्राइम के बारे में जानकारी मिली है इसलिए वे किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। ऐसे कार्यक्रम उनकी जागरूकता बढ़ाते हैं।
- सीमा रानी, छात्रा बीए अंतिम वर्ष
कार्यक्रम में यातायात नियमों के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीट बेल्ट लगाना कितना जरूरी है। थोड़ी से सावधानी बरत हम अपने साथ दूसरों की जिंदगी भी बचा सकते हैं। नियमों का पालन करना जरूरी है।
-पूजा रानी, छात्रा बीए अंतिम वर्ष
जानकारी के अभाव में लोग साइबर क्राइम का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में बताया गया कि नशा कितना खतरनाक है और कैसे जिंदगी बर्बाद कर सकता है। नशे को रोकना सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।
-पायल गोयल, छात्रा बीए प्रथम वर्ष