भूना रोड स्थित कॉलोनी के रहने वाले किन्नर समुदाय के लोगों ने अप्रैल महीने में हुई मारपीट के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर कुलां चौकी पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। किन्नरों ने रतिया-फतेहाबाद रोड पर जाम लगाकर खूब नारेबाजी की। मुख्य रोड पर जाम लगने के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, इससे बसों में बैठी सवारियों से लेकर अन्य लोगों को भी खूब परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों ने कुलां चौकी इंचार्ज कपिल सिंह व जांच अधिकारी (आईओ) महेंद्र सिंह पर 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। जाम की सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। करीब आधा घंटा बाद जाम खुलने से वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
दो पक्षों के बीच हुआ था झगड़ा, पुलिस ने नही की कार्रवाई।
मीडिया से बातचीत में महंत रीना व रेखा ने बताया कि पंजाब से किन्नर समुदाय के कुछ लोग उनके क्षेत्र में बधाई मांगने के लिए आते हैं, जिसको लेकर उनका 20 अप्रैल को झगड़ा हो गया था। पंजाब से आए किन्नरों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। इसके बाद कुलां चौकी पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो पुलिसकर्मियों ने रिश्वत मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें मजबूर होकर रोड जाम करनी पड़ी है। किन्नर रेखा ने बताया कि उस झगड़े के दौरान उसका हाथ तोड़ दिया गया था। आरोपियों पर कार्रवाई करने के एवज में कुलां पुलिस चौकी प्रभारी कपिल सिंह व महेंद्र सिंह ने 45 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, जिसकी उनके पास रिकार्डिंग भी है।
कोट
प्रदर्शनकारियों ने बताया है कि गांव कुला में किन्नर समुदाय के दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। कुलां सदर थाना में आता है। सदर थाना प्रभारी और अन्य उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दे दी गई है।
सुरेंद्र कंबोज, प्रभारी, शहर थाना टोहाना।
चौकी प्रभारी व जांच अधिकारी ने आरोपों को नकारा
इस संबंध में चौकी प्रभारी कपिल सिंह व जांच अधिकारी महेंद्र सिंह का कहना है कि किन्नर पक्ष के दो समुदायों के बीच हुए झगड़े में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया हुआ है। टोहाना निवासी चंदा किन्नर के बयान पर 6 लोगों के खिलाफ 65 नंबर एफआईआर दर्ज है, जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनको जमानत मिल गई है। एक आरोपी को कोरोना होने के चलते उसे गिरफ्तार नहीं किया गया, जिसे अब काबू करेंगे। वहीं, कुलां निवासी मदन महंत के बयान पर टोहाना के किन्नरों के खिलाफ भी पुलिस ने 64 नंबर एफआईआर दर्ज की हुई है। उसके संदर्भ में जांच अधिकारी जांच में शामिल करने के लिए शनिवार को इन किन्नरों के घर गया था, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से मना कर दिया। पुलिस पर दबाव बनाने व गिरफ्तारी से बचने के लिए बेबुनियाद रिश्वत संबंधी आरोप लगाए जा रहे हैं। जो किन्नर आरोप लगा रहे हैं, उनसे मैं तो आज तक मिला भी नहीं हूं।