फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले की सुनवाई करते हुए मृतक विवाहिता के पति भाटिया कॉलोनी निवासी सोनू को दोषी करार देते हुए 5 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में शहर फतेहाबाद पुलिस ने 24 जनवरी 2021 को हंस कॉलोनी निवासी पातीराम की शिकायत पर उसके दामाद सोनू के खिलाफ धारा 306 व 201 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में पातीराम ने बताया था कि उसकी सबसे बड़ी लड़की रचना की शादी 13 जुलाई 2016 को सोनू के साथ हुई थी। उसका दामाद सोनू शराब पीकर लड़की रचना को तंग व परेशान करता था। 22 जनवरी 2021 को भी उसकी लड़की रचना उसके पास आई तो कह रही थी कि बीस हजार रुपये दे दो, हमने मेरे ससुराल पहुंचाने हैं। जब मैंने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है तो लड़की अपने पति सोनू के पास चली गई। 23 जनवरी को शाम करीब 8 बजे दामाद सोनू का फोन आया कि रचना की तबीयत ठीक नहीं है। जब मौके पर पहुंचे तो उसकी बेटी रचना को चारपाई पर लेटा रखा था। हमारे पूछने पर उन्होंने बताया कि रचना ने छत वाले पंखे से चुन्नी डालकर फंदा लगा लिया है। जिस पर हम अपनी लड़की को अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पातीराम ने आरोप लगाया था कि उसकी लड़की ने अपने पति सोनू से तंग आकर आत्महत्या की है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सोनू के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सोनू ने बताया था कि उसकी स्वामी नगर में रहने वाली एक महिला के साथ दोस्ती है, उसके घर आना जाना है। इस पर उसकी पत्नी रचना को शक हो रहा था कि उस महिला के साथ अवैध संबंध हैं। इसी बात को लेकर आपस में झगड़ा होता रहता था। इससे उसकी पत्नी बहुत ज्यादा परेशान रहने लग गई। 23 जनवरी 2021 को भी उसका व उसकी पत्नी का काफी झगड़ा हुआ था। झगड़ा होने के बाद वह गली में बाहर आ गया। कुछ समय बाद जब मकान के अंदर गया तो पत्नी रचना छत के पंखे से चुन्नी बांधकर गले में फंदा डालकर लटकी हुई थी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सोनू को दोषी करार दिया और उसे सजा सुनाई।