फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने दहेज के लिए पत्नी को जहर देकर मारने के दोषी को पति सोनू उर्फ गब्बर निवासी ललौदा को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। वहीं विवाहिता के ससुर रामकुमार को शव खुर्द-बुर्द करने के आरोप में तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
मामले के मुताबिक हिसार के कैमरी रोड निवासी शीनू उर्फ संगीता की शादी 2012 में गांव ललौदा निवासी सोनू के साथ हुई थी। शीनू के पिता नंदलाल मौर्य का आरोप था कि शीनू के ससुराल के वाले उसे दहेज के प्रताड़ित करते थे। वह ट्रैक्टर का इंजन मांग रहे थे, जिसपर उन्होंने इंकार कर दिया। 18 नवंबर 2016 को उसकी बेटी को जहर देकर मार दिया। आरोप है कि शीनू के परिजनों के पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार कर दिया गया। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए पति सोनू को दहेज हत्या के लिए 10 साल, दहेज प्रताड़ना के लिए 2 साल व शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए ससुर को तीन साल की सजा सुनाई है।