फतेहाबाद। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के मामले में देशद्रोह के आरोपी धर्मशाला रोड निवासी मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मुश्ताक की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
आरोपी मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद की ओर से हाईकोर्ट में एडवोकेट निखिल घई ने पैरवी की। जस्टिस एनएस शेखावत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद की जमानत याचिका मंजूर कर ली। एडीजे नवेंदू जैन फतेहाबाद की अदालत ने आरोपी मुश्ताक अहमद उर्फ डॉ. ताज मोहम्मद की जमानत याचिका 17 जून को खारिज कर दी थी।
10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद आरोपी मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद ने अपने फेसबुक अकाउंट पर तीन वीडियो डाली थीं। 14 मई को फतेहाबाद भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जगदीश राय शर्मा, मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी। 15 मई को मुश्ताक अहमद के खिलाफ फतेहाबाद शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पहले इस केस में देशद्रोह की धारा नहीं लगी थी। मगर बाद में पुलिस ने इस मामले में आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (देशद्रोह) लगा दी थी। 17 मई को शहर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।