फतेहाबाद। बीघड़ रोड स्थित सेठ बद्री प्रसाद डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन ने पुलिस विभाग के साथ मिलकर अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा के टिप्ट दिए गए।
पुलिस इंस्पेक्टर मंजू और उनकी टीम की कांस्टेबल सरोज और किरणजीत कौर ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं को सिखाया गया कि अगर उनके साथ कोई छेड़खानी होती या फिर कोई अपराधी छीनाझपटी की वारदात को अंजाम देता है तो वह खुद कैसे उसका मुकाबला कर सकती हैं। कार्यक्रम में स्कूल प्रिंसिपल सुनीता मदान भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में करीब 210 छात्राओं ने भाग लिया।
आत्मरक्षा पर आयोजित सत्र से पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर मंजू ने कहा कि अपराध होने पर घबराएं नहीं बल्कि उसका डटकर मुकाबला करें। प्रत्येक महिला को आत्मरक्षा की जानकारी होनी चाहिए। घटना के दौरान अगर छात्राएं हौसला रखे तो वो आसानी से मुकाबला कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को मोबाइल फोन से दूर रहना चाहिए, उतना ही प्रयोग करें जितना हमें जरूरत है। बेवजह की एप डाउनलोड न करें। अनजान व्यक्ति से फोन पर न तो बात करें और न ही कोई निजी जानकारी शेयर करें। अगर कोई घटना होती है तो तुरंत 112 पर सूचित करें। अपने मोबाइल फोन में एप डाउनलोड भी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो रात में या अकेले यात्रा कर रही हैं, ताकि वे सुरक्षित महसूस करें। इस सेवा के तहत, महिलाएं अपनी यात्रा की जानकारी 112 नंबर पर देकर अपनी यात्रा को ट्रैक करवा सकती हैं। पुलिस हर आधे घंटे में उनसे संपर्क करके उनकी सुरक्षा का जायजा लेती हैं।
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सेमिनार का उद्देश्य छात्राओं को सशक्त बनाना
प्रिंसिपल सुनीता मदान के कहा की इस सेमिनार का उद्देश्य लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें सशक्त बनाना है। यह सेमिनार लड़कियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा, ताकि वे किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें।
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मधुबन से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों ने सिखाए गुर
कार्यक्रम में मधुबन पुलिस अकादमी से प्रशिक्षित कांस्टेबल सरोज और किरणजीत कौर ने करीब एक घंटे तक छात्राओं को अलग-अलग तरह से आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अच्छे टच और बुरे टच की जानकारी होना जरूरी है। अगर कोई आपका पीछा कर रहा है और संख्या ज्यादा है तो आप शोर मचा सकती हैं। आपके पास आत्मरक्षा के गुर हैं जिससे मुकाबला किया जा सकता है। छात्राओं के पास पैन होता है, बालों की पिन होती है, जिसे वह हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं और शरारती तत्व से खुद को बचा सकती हैं।