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Fatehabad News: हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की होगी रोहतक पीजीआई में जांच

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवाई के लिए लाइन में लगे मरीज
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फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की जांच अब रोहतक पीजीआई में होगी। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने रोहतक पीजीआई में दोनों के सैंपल भेजने की अनुमति दे दी है। सप्ताह में बुधवार को ही 20 सैंपल हेपेटाइटिस सी और 20 सैंपल हेपेटाइटिस बी के भेजे जाएंगे। दो दिन बाद पीजीआई इन सैंपलों की रिपोर्ट देगा।
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रिपोर्ट आने के बाद संबंधित मरीजों का उपचार शुरू होगा। सैंपल को लेकर हेपेटाइटिस सी और बी के मरीज वेटिंग में है। इन सैंपलों की जांच पहले बड़ोपल स्थित लैब में होती थी। लेकिन माइक्रोबायोलॉजिस्ट के तबादले के बाद यहां पद खाली हो गया और सैंपलों की जांच पर रोक लग गई। करीब डेढ़ माह से सैंपलिंग बंद है। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल की जांच को लेकर मुख्यालय से गाइडलाइन मांगी थी और व्यवस्था की जाने की मांग रखी थी। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि दोनों के 20-20 सैंपल बुधवार को रोहतक पीजीआई की लैब में भेजे जाएं। अब विभाग संबंधित मरीजों के सैंपल यहां से लेकर बुधवार पीजीआई में भेजेगा। संवाद
विभाग ने निजी लैब से खत्म कर दिया था अनुबंध
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस सी का उपचार शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए निजी लैब से अनुबंध किया था। मरीज को डॉक्टर कार्ड जारी करते और उसे दिखाकर निजी लैब से जांच करवाई जाती थी और उसके बाद जिला अस्पताल में ही मरीज को दवाई उपलब्ध करवाई जाने लगी। लेकिन पिछले साल 28 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से अनुबंध खत्म कर दिया और बड़ोपल स्थित आरटीपीसीआर लैब में जांच शुरू करने के निर्देश दिए। पहले लैब में माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने और फिर किट न होने के चलते जांच शुरू नहीं हो पाई थी। जनवरी माह में पूरी तरह से जांच शुरू हुई थी और अब फिर ब्रेक लग गया है।
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रेड जोन में शामिल है जिला
हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया में सर्वे के दौरान करीब 15 सौ मरीज सामने आए और बढ़ते चले गए। जिला मुख्यालय पर उपचार शुरू हुआ तो जांच में करीब पांच हजार मरीज पाए जा चुके हैं।
तीन से छह माह खानी होती है दवा
डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह दवा खानी होती है। जिन मरीजों का लीवर खराब हो जाता है, उन मरीजों का 6 महीने दवाई दी जाती है। जिन मरीजों का उपचार पूरा हो गया है, उन्हें हेपेटाइटिस-सी का कार्ड टेस्ट दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है, कार्ड टेस्ट 15 साल तक पॉजिटिव रह सकता है।
ये हेपेटाइटिस सी मरीजों की स्थिति
जिला अस्पताल में शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
पंजीकृत मरीज : 6500
मरीजों में हुई हेपेटाइटिस सी की पुष्टि : 4950
कोट
हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों के सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे जाएंगे। मरीजों को कोई परेशान न हो इसलिए व्यवस्था करवाई गई है। जब तक यहां सैंपल जांच शुरू नहीं होती तब तक पीजीआई लैब में भेजकर करवाई जाएगी।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, उप सिविल सर्जन
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