फतेहाबाद। टीबी मरीजों के समय पर उपचार को लेकर स्क्रीनिंग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 100 दिन अभियान की शुरूआत कर दी है। हाई रिस्क श्रेणी में शामिल लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करेगी और पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जाएगा। यानि जांच और उपचार को लेकर नागरिक अस्पताल या फिर सीएचसी तक में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विभाग ने तीन मेडिकल मोबाइल यूनिट स्क्रीनिंग को लेकर तैनात की है। रोजाना एक एमएमयू गांव में जाएगी और वहां पर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी। दो मोबाइल मेडिकल यूनिट में लैब की व्यवस्था और तीसरी में लैब के साथ-साथ एक्सरे की भी सुविधा दी गई है। हैंड हेल्ड मशीन से मौके पर ही आशंकित मरीज का एक्सरे हो जाएगा। जांच का रिकॉर्ड पोर्टल पर रहेगा और संबंधित विशेषज्ञ को भेजा जाएगा। विशेषज्ञ रिपोर्ट देखने के बाद मरीज का उपचार शुरू करेगा।
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इन श्रेणी के लोगों की होगी स्क्रीनिंग :
- पिछले पांच साल में टीबी से ठीक हुए
- पिछले तीन साल में टीबी मरीज के संपर्क में आए लोग
- 60 साल से ज्यादा उम्र वाले लोग
- स्मोकर
- डायबिटिज
- बीएमआई
- अन्य (रिहायशी स्कूल में पढऩे वाले बच्चे, निर्माणधीन स्थल पर काम करने वाले लोग)
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टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच - 17084 मरीज
जांच में टीबी पॉजिटिव मिले - 2083
जिले में टीबी मरीजों का शुरू हुआ उपचार - 2438
पुरूष मिले पॉजिटिव - 1275 मरीज
महिलाएं मिली पॉजिटिव - 808 मरीज
0 से 14 साल के बच्चे मिले पॉजिटिव - 60 मरीज
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टीबी के लक्षण
- तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी
- शाम के समय तेज बुखार होना
- छाती में दर्द
- वजन का घटना
- भूख में कमी
- बलगम के साथ खून आना
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टीबी की जांच को लेकर विभाग की तरफ से पहले भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अब 100 दिन का स्पेशल अभियान शुरू किया गया है जो कि 24 मार्च तक जारी रहेगा। लोगों की मौके पर ही स्क्रीनिंग होगी और पुष्टि होने पर उपचार मिलेगा। मरीज को चाहिए कि विशेषज्ञ द्वारा बताए गए उपचार का पूरा कोर्स करे और बीच में बंद न करें।
- डॉ.महेंद्र, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।