फतेहाबाद। वेयर हाउस हिसार से दवाइयों की सप्लाई न होने से सिविल सर्जन कार्यालय को लोकल परचेज करनी पड़ रही है। लेकिन इसके लिए बजट न होने के चलते स्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद दवा एजेंसियों का करीब एक करोड़ का कर्जदार हो गया है। दवा खरीदने के लिए परचेजिंग कमेटी भी भी धीरे-धीरे पीछे हट है। इसके पीछे कारण ये है कि एजेंसियों को भुगतान करने के लिए बजट ही नहीं है। सिविल सर्जन कार्यालय ने करीब 1 करोड़ 98 लाख रुपये के बजट की डिमांड की है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत बजट जारी करता है। हालांकि सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत का कहना है कि इमरजेंसी के लिए दवाइयों की कमी नहीं आने दी जाएगी। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में ही कफ सिरप, आई ड्रॉप्स, एलर्जी की दवाई खत्म हो रही है। हालांकि सीएचसी पर फिलहाल हालात ठीक है। अधिकारियों की माने तो नए टेंडर नहीं हुए तो आने वाले समय में दिक्कत आ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन को दवा खरीदने के लिए पॉवर दी थी। पहले अस्पताल अपने स्तर पर लोकल परचेज कर रहे थे। संवाद
चार माह पहले हुआ था सिर्फ 41 लाख बजट जारी
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय की तरफ से करीब चार माह पहले 41 लाख का बजट जारी किया गया था। इस बजट को नागरिक अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों और सीएचसी को बजट भेजा गया था। इसके बाद बजट ही नहीं आया है।
30 लाख से ज्यादा का नागरिक अस्पताल पर कर्जा
मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत नागरिक अस्पताल को बजट न मिलने के चलते करीब 30 लाख का कर्जा है। नागरिक अस्पताल ने यूजर मनी से भुगतान किया था। लेकिन बजट न मिलने के चलते यूजर मनी को राशि ट्रांसफर नहीं हो पाई है।
जिले में फार्मेसी ऑफिसरों के आधे ही पद भरे
जिले के सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा वर्क लोड डिस्पेंसरी में होता है। लेकिन हालात ये है कि आधे पद खाली हैं। जिले में 53 में से 24 पद ही भरे हैं। पीएचसी में फार्मेसी ऑफिसर के अधिकतर पद खाली हैं।
जिले में ये है फार्मेसी ऑफिसरों की स्थिति
अस्पताल कुल पद कार्यरत
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 10 4
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 9 7
उप नागरिक अस्पताल रतिया 3 1
सीएचसी भट्टूकलां 2 1
सीएचसी भूथनकलां 2 1
सीएचसी भूना 2 0
सीएचसी जाखल 2 1
सीएचसी बड़ोपल 2 2
कोट
सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा वर्कलोड डिस्पेंसरी में होता है। यहां पर फार्मेसी ऑफिसर काम करता है। लेकिन 53 पदों में से 24 पद पर ही फार्मेसी ऑफिसर तैनात है। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद दुर्दशा खराब है। क्योंकि 10 में से यहां 4 नियुक्त हैं और इसमें से भी एक कोर्ट परिसर की डिस्पेंसरी में तैनात है। जबकि नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है।
- कृष्ण बिश्रोई, जिला प्रधान, फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन फतेहाबाद।
कोट
दवा खरीद के लिए बजट की कमी है और इसको लेकर करीब दो करोड़ की डिमांड मुख्यालय से की गई है। यूजर मनी से इमरजेंसी के लिए दवाइयां खरीदी जाएंगी। दवाइयों की इमरजेंसी के लिए कमी नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन