फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: विकसित में आधा तो नई शामिल कॉलोनियों में 240 रुपये लगेगा प्रति स्क्वेयर मीटर विकास शुल्क

Tue, 26 Nov 2024 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
फतेहाबाद की हंस कॉलोनी में अधूरा पड़ा गली का निर्माण।
विज्ञापन
फतेहाबाद। शहर में शामिल हुई नई कॉलोनियों में प्रॉपर्टी आईडी सर्वे पूरा होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड हो गई है और इसी के साथ ही रजिस्ट्री प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। लेकिन प्रॉपर्टी मालिकों पर दोगुना विकास शुल्क लगा दिया गया है। नगर निकाय विकसित कॉलोनियां यानि जो पुरानी है उनमें 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से वसूल रहा है जबकि नई शामिल कॉलोनियों पर 240 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर विकास शुल्क लगाया गया है। हालात ये है कि कॉलोनियों में पानी निकासी प्रबंध नहीं है, गलियां टूटी हैं और अधिकतर में तो बनी ही नहीं है।
विज्ञापन

नगर निकाय ने विकास शुल्क दोगुना लगाकर करीब 10 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को झटका दिया है। इसमें हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, आदर्श कॉलोनी, हरनाम सिंह कॉलोनी, आजाद नगर आदि शामिल है। पार्षदों का कहना है कि प्रॉपर्टी मालिक किस नाम पर दोगुना विकास शुल्क दें। नगर निकाय ने शहर फतेहाबाद की 13 कॉलोनियों को पिछले साल वैध किया था। इसी के साथ ही विकास शुल्क तय कर दिया था। जिसमें कलेक्टर रेट का पांच फीसदी या फिर 240 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर तय किया गया था। हालांकि उस समय प्रॉपर्टी आईडी न बनने के कारण एनडीसी पोर्टल पर रिकॉर्ड नहीं आया था और अब रजिस्ट्री करवाने के लिए पहले डेवलपमेंट चार्ज भरना होगा। संवाद

वैध हुई कॉलोनियों में ये तय किया गया विकास शुल्क
आजाद नगर 240 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर
ग्रीन पार्क 275 रुपये प्रति गज
अशोक नगर 240 रुपये प्रति वर्ग मीटर
शक्ति नगर 240 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर
भाटिया कॉलोनी 240 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर
योग नगर 220 रुपये प्रति वर्ग गज

ये कॉलोनियां पिछले साल हुई थीं वैध
- हरनाम सिंह कॉलोनी
- स्वामी नगर
- हंस कॉलोनी
- मौजूदा भाटिया कॉलोनी
- आजाद नगर, कीर्ति नगर
- भागचंद कॉलोनी
- विस्तार हुई ग्रीन पार्क कॉलोनी
- भगत सिंह कॉलोनी
- अतिरिक्त अशोक नगर
- विस्तार हुई योग नगर
- कालीदास कॉलोनी
- अतिरिक्त शक्ति नगर
- ओशो आश्रम कॉलोनी
-
गांव से निकलकर जो कॉलोनियां शहर में शामिल हुई है और विकास नहीं हुआ है वहां पर दोगुना विकास शुल्क लगा दिया गया है। जबकि इन कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिकों से विकास शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। सरकार अपने स्तर पर विकास करवाए। इन कॉलोनियों में अधिकतर प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
विज्ञापन

- मोहन लाल नारंग, पार्षद, वार्ड नंबर 12

जिन कॉलोनियों में लैंडलॉर्ड लोग रहते हैं उनसे तो 120 रुपये के हिसाब विकास शुल्क लिया जा रहा है और जो स्लम बस्ती है वहां पर दोगुना लिया जा रहा है। सरकार इसे माफ करें। इन कॉलोनियों के लोग किस नाम का विकास शुल्क दें। ढाई साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन कोई विकास नहीं है।
- योगी हंसराज, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 15

कॉलोनी में न तो सड़कें बनी हैं और न ही सीवरेज व्यवस्था है। नगर निकाय ने दोगुना विकास शुल्क लगा दिया है जबकि इन कॉलोनियों से वसूल नहीं किया जाना चाहिए। पांच साल से लोग रजिस्ट्री शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, अब शुरू हुई है तो दोगुना विकास शुल्क लगा दिया गया है।
विज्ञापन

- संजय रूखाया, पार्षद वार्ड नंबर 17

विकास शुल्क को लेकर नगर निकाय की तरफ से ही नोटिफिकेशन जारी किया गया है। वैध हुई कॉलोनियों में विकास को लेकर सरकार गंभीर है और रणनीति भी बना रही है।
- विकास बजाज, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें