गांव भूथन कलां के खेतों में ओलावृष्टि से बर्बाद गेहूं।
राजेश मेहूवाला फतेहाबाद। जिले में रविवार शाम को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि ने जिले के करीब 20 गांवों में खड़ी 12 हजार एकड़ फसल को बर्बाद कर दिया है।
सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है। बारिश व ओलावृष्टि ने फसल को जमीन पर गिरा दिया जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने की आशंका है। आसमानी आफत के बाद पशुपालकों के सामने हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है।
खराबे के बाद पीड़ित किसान सोमवार को उपायुक्त डाॅ. विवेक भारती से मिले और विशेष गिरदावरी करके मुआवजा जारी करने की मांग की है। ओलावृष्टि का ज्यादा प्रभाव गांव ढाणी माजरा, भिरड़ाना, झलनिया, चंद्रावल, दौलतपुर, बरसीन, भूथनकलां, मताना, गिल्लांखेड़ा और बिसला में है।
किसानों के अनुसार, ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि सरसों की फलियां झड़ गईं और गेहूं के पौधे जमीन पर बिछ गए। इससे गेहूं के दाने नीचे गए हैं और हरे चारे की फसल बरसीन पूरी तरह से नष्ट हो गई है। वहीं इस बार नरमा व धान की फसल की पैदावार भी कम रही हैं।