रतिया राहत कार्य के लिए पहुंचे पुलिस कर्मचारी।
रतिया। गांव सरदारेवाला के पास भाखड़ा नहर में 14 सवारी सहित एक क्रूजर गाड़ी के गिरने के मामले में ग्रामीणों ने हादसे को लेकर सीधा-सीधा प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि भाखड़ा नहर पर अगर सुरक्षा दीवार बनी होती तो ये बड़ा हादसा होने से बच जाता और 9 लोगों की जान बच जाती। पहले भी सुरक्षा दीवार को लेकर अधिकारियों को शिकायत दी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
धुंध के कारण चालक सड़क और नहर का अनुमान नहीं लगा पाया और हादसा हो गया। गांव सरदारेवाला के मौजूदा सरपंच व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सुरक्षा दीवार न होने के चलते रात्रि को भाखड़ा नहर का यह रास्ता 9 जिंदगी लील गया।
मोटरसाइकिल समेत डूब गया था ग्रामीण : नव वर्ष पर एक माह पूर्व भी गांव का मिल्खा सिंह मोटरसाइकिल सहित इस स्थान पर डूब गया था। ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी यहां पर सुरक्षा दीवार न होने के चलते अनेक हादसे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुल के साथ सुरक्षा दीवार बनाने को लेकर प्रशासन को कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक प्रशासन में उनकी मांग की तरफ ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते उनकी गुहार सुन लेता तो इतना बड़ा हादसा होते हुए नहीं देखना पड़ता।
एसडीएम बोले-बनवाएंगे दीवार: एसडीएम जगदीश चंद्र ने कहा कि ग्रामीणों ने सुरक्षा दीवार को बनाए जाने की बात उनके सामने उठाई है। इसको लेकर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी को मौके पर बुलाया है। तब उन्हें सुरक्षा को लेकर पुल के आसपास उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
रास्ता मुड़ने का संकेतक तक नहीं: ग्रामीण अशोक कटारिया ने कहा कि यहां पर प्रशासन द्वारा आगे पुल या रास्ता मुड़ने को लेकर कोई चिह्न नहीं लगाया हुआ है। जिसके चलते ही यह बड़ा हादसा हुआ। इस जगह पर पहले भी सुरक्षा दीवार न होने के चलते अनेक हादसे हो चुके हैं। प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था व सड़क सुरक्षा के चिह्न लगाने को लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए।