इसी के मद्देनजर टीचर्स एकजुट होकर वीरवार सुबह प्रदेशाध्यक्ष के निवास
स्थान गांव बिढाईखेडा के लिए जैसे ही निकले, भारी संख्या मैं मौजूद पुलिस
बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
जिसके बाद टीचरों ने मजबूरन
जलघर के पास बैठकर प्रदर्शन करते हुए प्रदेशाध्यक्ष, मुख्यमंत्री व शिक्षा
मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दो घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद
अध्यापकों ने मुख्य बाजार के रास्ते रोष मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारी
वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि कोर्ट में गलत आंकड़े पेश कर सरकार ने गेस्ट
टीचरों को हटा दिया है। तभी से टीचरों ने महेंद्रगढ़ में महापड़ाव डाल रखा
है।
हजारों अतिथि अध्यापकों की रोजी रोटी छीनकर सरकार ने उन्हें
बेरोजगारी की दलदल में धकेलने का काम किया है। जिससे गेस्ट टीचर्स शारीरिक व
मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की खट्टर
सरकार ने अतिथि अध्यापकों के साथ वादाखिलाफी करने का काम किया है। परेशान
अतिथि अध्यापक 17 जून से ही शिक्षामंत्री के गृह जिले महेंद्रगढ़ में
महापड़ाव और 23 जून से 11 सदस्यीय कमेटी लगातार आमरण अनशन पर बैठी है।
खापों के समर्थन से मिली मजबूती
विरेंद्र
सिंह ने कहा कि खापों के समर्थन से अतिथि अध्यापकों को मजबूती मिली है। आज
प्रत्येक वर्ग सरकार की गलत नीतियों के चलते परेशान है। रोजगार देने की
बजाय सरकार लोगों से नौकरी छीन रही है।
अतिथि अध्यापकों के समर्थन में कांग्रेस: बबली
गांव
बिढाईखेड़ा में अतिथि अध्यापकों के प्रदर्शन पर कांग्रेसी नेता देवेंद्र
सिंह बबली ने कहा कि भाजपा सरकार ने घोषणा पत्र में अतिथि अध्यापकों के साथ
जो वायदे किए थे, उन्हें निभाना चाहिए। चुनाव में भाजपा ने गुमराह कर वोट
बटोरे।
अब गेस्ट टीचरों के साथ धोखा किया जा रहा है। कांग्रेस के
प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा है कि कांग्रेस गेस्ट टीचर्स के साथ खड़ी
है।