फतेहाबाद। शहर में बंदरों का उत्पात रोकने के लिए नगर परिषद दो साल में दो बार एजेंसियों को बंदर पकड़ने का ठेका दे चुकी है बावजूद हालात जस के तस हैं। फिलहाल नगर परिषद ने जिस एजेंसी को बंदर पकड़ने का ठेका दिया हुआ वह खत्म हो गया है।
अब स्थिति यह है कि नगर परिषद के पास शहर से बंदर पकड़वाने के लिए कोई एजेंसी नहीं है। नगर परिषद ने न ही ठेके को आगे बढ़वाया है और न ही नए के बारे में कोई योजना बनाई है। शहर की पॉश से लेकर बाहरी कॉलोनियों तक में बंदरों का उत्पात जारी है। बंदर आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
नगर परिषद ने पिछले साल प्रति बंदर पकड़ने के लिए 2200 रुपये के हिसाब से एजेंसी को ठेका दिया था। अधिकारियों के मुताबिक 17 जुलाई को ठेका खत्म हो चुका है। दूसरी तरफ पार्षदों ने ठेके के बारे में सवाल उठाए हैं। सोमवार को इस बारे में जांच के लिए अधिकारियों को पार्षद शिकायत भी देंगे। पार्षदों का कहना है कि दो साल बाद भी शहर में बंदरों की संख्या वैसे ही जैसे पहले थी।
-
जगजीवनपुरा मोहल्ला में रोजाना काट रहे बंदर
जगजीवनपुरा मोहल्ला में बंदरों का काफी आतंक है। पार्षद मोहन लाल नारंग का कहना है कि इसके अलावा सूर्या एंकलेव, योग नगर, सुंदर नगर में चार से पांच बंदरों के झुंड हैं जो कि खूब उत्पात मचा रहे हैं। बच्चे व बुजुर्ग इनसे काफी डरे रहते हैं। दो दिन पहले जगजीवनपुरा मोहल्ला में बंदरों ने सुभाष रहेजा को काट लिया। इससे पहले जगदीश मेहता को काट चुके हैं। वहीं ऐसे ही हालात शहर की बाहरी कॉलोनियों के भी हैं। इनमें भी बंदरों का काफई आतंक है। नहर कॉलोनी, लाजपत नगर, चार मरला कॉलोनी में भी बंदरों का काफी आतंक हैं।
-
दावे के 20 दिन बाद भी पशु मुक्त नहीं शहर
जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई ने 20 जून को अपने कार्यालय में नगर परिषद अधिकारियों की बैठक लेकर पशु मुक्त करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने दावा किया था कि शहर पशु मुक्त होगा। सड़कों पर हालात जस के तस हैं। चौधरी कॉलोनी निवासी हरबंस लाल ने पार्षद के नाम पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि सुबह-शाम कॉलोनी में बेसहारा पशु घूमते हैं। इनका भी समाधान करवाएं।
-
बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने एजेंसी को ठेका दे रखा था, अब ये खत्म हो चुका है। सोमवार से नए ठेके की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- सतपाल सैनी, सीएसआई, नगर परिषद, फतेहाबाद।