फतेहाबाद। लाल डोरे में शामिल प्रॉपर्टी के 19 फीसदी मालिकों को ही संपत्ति प्रमाणपत्र जारी हो पाए हैं। करीब 80 फीसदी प्रॉपर्टी मालिक संपत्ति प्रमाणपत्र लेने के लिए नहीं आ रहे हैं। वजह यह है कि वे 10 साल पुराना रिकॉर्ड नहीं जुटा पा रहे हैं।
इसी कारण इस बारे में पेच फंसा हुआ है। एक साल बाद भी 3,589 प्रॉपर्टी में से 703 को ही प्रमाणपत्र जारी हो पाए हैं। लाल डोरे में शामिल प्रॉपर्टी मालिकों की समस्या जानने और उनके दस्तावेज जुटाने के लिए नगर परिषद की टीमें वार्ड में जाएंगी ताकि उन्हें संपत्ति प्रमाणपत्र जारी किए जा सके। इसके लिए संबंधित वार्ड के पार्षदों की भी टीमें मदद लेंगी।
यही नहीं मजिस्ट्रेट एफिडेविट को लेकर भी छूट मिल सकती है, प्रॉपर्टी मालिक को सिर्फ स्वयं सत्यापित शपथ पत्र देना होगा। हालांकि इसको लेकर अभी प्रक्रिया चल रही है। शहर फतेहाबाद में 3569 प्रॉपर्टी में से सिर्फ 703 को प्रमाणपत्र जारी हुआ है। संपत्ति प्रमाणपत्र के लिए 10 साल पुराना रिकॉर्ड दिखाना जरूरी है।
इसमें 10 साल पुराना बिजली-पानी का बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, तहसीलदार से एफिडेविट, गृहकर रसीद शामिल है, लेकिन ये रिकॉर्ड प्रॉपर्टी मालिक नगर परिषद प्रशासन के सामने प्रस्तुत ही नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से प्रशासन संपत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं।
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यह है स्थिति
लाल डोरे में मकान : 3569
प्रमाणपत्र लेकर गए : 703
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लाल डोरा में इन क्षेत्र की प्रॉपर्टी है शामिल
-बगीची मोहल्ला
- भीमां बस्ती
- मोहल्ला डेरेवाला
- जंडी मोहल्ला
- लंग मोहल्ला
- नजदीक अरोड़वंश धर्मशाला
- नजदीक पुराना बस स्टैंड
- नजदीक चिल्ली झील क्षेत्र
- नजदीक दुर्गा मंदिर
- जवाहर चौक
- नजदीक रेगर बस्ती
- रामनिवास मोहल्ला
- रेगर बस्ती
- शास्त्री नगर
- शिव चौक
- ठाकर बस्ती
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डिजिटलाइजेशन हुआ था सर्वे
नगर परिषद ने पिछले साल पहले मैनुअल तरीके से लाल डोर की प्रॉपर्टी के बारे में सर्वे करवाया था लेकिन इसे बाद में रद्द कर दिया गया। इसके बाद डिजिटलाइजेशन तरीके से सर्वे करवाया गया। जिसमें 15 कॉलोनियों की प्रॉपर्टी को शामिल किया गया।
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एनडीसी पोर्टल पर दर्ज है रिकॉर्ड
लाल डोरा क्षेत्र में शामिल प्रॉपर्टी मालिक पहले रजिस्ट्री नहीं करवा सकते थे, क्योंकि इनका कोई रिकॉर्ड नहीं था लेकिन अब निशानदेही होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर रिकॉर्ड आ गया है। नगर परिषद स्वामित्व कार्ड जारी करेगा। जिसके आधार पर रजिस्ट्री हो पाएगी।
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लाल डोर की जो प्रॉपर्टी है उसके मालिकों से पुराना रिकॉर्ड मांगा जा रहा है। तहसीलदार से सत्यापित एफिडेविट मांगा जा रहा है। इन दस्तावेजों के चक्कर में लोग उलझे हुए हैं। फिलहाल लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज तैयार करा लें।
-मनोज नारंग, पार्षद प्रतिनिधि
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लाल डोर में शामिल प्रॉपर्टी के मालिकों को संपत्ति प्रमाणपत्र देने के लिए वार्ड में शिविर लगाए जाएंगे। प्रॉपर्टी मालिक 10 साल पुराना कोई भी रिकॉर्ड दे सकते हैं। प्रॉपर्टी मालिक आ ही नहीं रहे है। शिविर के दौरान ये भी पता चल पाएगा कि कहां दिक्कत आ रही है।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद