ग्राम पंचायत तलवाड़ा का कहना है कि यदि सरकार क्षेत्र में कोई भी कॉलेज अथवा शिक्षण संस्थान का निर्माण कराती है तो पंचायत अपनी जमीन देने को तैयार है। पंचायत ने इसके लिए प्रस्ताव भी पारित कर रखा है। लंबे समय से क्षेत्र में शिक्षण संस्थान के निर्माण की मांग ठंडे बस्ते में पड़ी है।
जाखल खंड में शिक्षा संसाधनों का न होना, यहां के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है। इन संसाधनों के नाम पर खंड में मात्र सीनियर स्कूल ही बने हैं, जबकि इससे उच्चतर शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूर दराज जाना पड़ता है। खंड के दो दर्जन गांवों के सैकड़ों विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित होकर पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हैं। जबकि अनेक बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को बाहर भेजने का खर्च उठा पाने में असमर्थ हैं। अमीर अथवा मध्यम वर्ग के लोग जैसे तैसे बच्चों को बाहर के शहरों में पढ़ने के लिए भेज भी देते हैं तो वहां पर बच्चों के भविष्य को लेकर उन्हें चिंता लगी रहती है। क्षेत्र में न तो कोई तकनीकी शिक्षण संस्थान है ओर न ही कोई महाविद्यालय, जिससे कि बच्चे बारहवीं से आगे की पढ़ाई कर सकें।
हालांकि जाखल ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन भी इस मांग को कई बार सरकार के समक्ष उठा चुकी है। यहां तक की टोहाना में आयोजित कांग्रेस की एक जनसभा में भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मांग पत्र सौंप चुकी है। इसके बावजूद यह मांग ठंडे बस्ते में पड़ी है। सरपंच एसोसिएशन की ओर से यह प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है कि गांव तलवाड़ा की पंचायती जमीन भाखड़ा नहर के साथ साथ खंड के सभी गांवों के मध्य में है। इसलिए इस मांग को पूरा करना खंड के सभी गांवों के लोगों के लिए लाभकारी है।
पंचायत देगी जमीन
सरपंच एसोसिएशन के प्रधान एवं गांव तलवाड़ा के सरपंच अंग्रेज सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर रखा है कि यदि सरकार जाखल खंड में कोई भी शिक्षण संस्थान खोलती है तो ग्राम पंचायत इसके लिए अपनी पंचायती भूमि देने को तैयार है।