फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से निर्देश जारी करने के चौथे दिन भी फतेहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। सरकार और राइस मिलरों के बीच पॉलिसी में बदलाव को लेकर असमंजस की स्थिति है। इस कारण राइस मिलर धान की खरीद करने के लिए पंजीकरण नहीं करवा रहे हैं।
सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसान मंडी में रात गुजार रहे हैं। वहीं, फतेहाबाद की पुरानी और नई अनाज मंडी अब धान का काफी आवक हो चुकी है। मगर अधिकारियों का कहना है कि मंडियाें में परमल धान की आवक न के बराबर हुई है। जो किसान अनाज मंडी में धान की फसल लेकर पहुंचे हैं, उनमें नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक है। इस कारण खरीद शुरू नहीं हुई है।
इस दौरान फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में पिछले एक सप्ताह से ज्यादा समय से मंडी में धान की फसल को लेकर बैठे किसान नौरंग, बलदेव, इंद्रजीत, रोशनलाल, भानीराम, बलजीत और रामकुमार आदि ने बताया कि धान की सरकारी खरीद शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आढ़ती को खरीद के बारे में पूछते हैं, तो कह देते हैं कि शाम 4 बजे तक खरीद शुरू होगी। मगर एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। ऐसे में किसान अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। इससे खेत का बाकी काम प्रभावित हो रहा है।
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पिछले नौ दिन से फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद का इंतजार कर रहा हूं। मेरे पास अभी तक कोई भी व्यापारी धान की सरकारी खरीद करने नहीं पहुंचा है। मंडी में रात को रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार को जल्दी से जल्दी सरकारी खरीद शुरू करनी चाहिए। अगर सरकारी खरीद नहीं होती है तो किसानों को मजबूरन धरने पर बैठना पड़ सकता है।
-इंद्रजीत, किसान, गांव नागपुर
सरकारी खरीद के इंतजार में पिछले एक सप्ताह से मंडी में रात गुजार रहा हूं। मेरे परमल धान की फसल में कोई भी नमी की जांच करने नहीं पहुंचा। मार्केट कमेटी में मौजूद अधिकारी कहते हैं कि धान में नमी की मात्रा ज्यादा है। किसानों की मजबूरी को अधिकारी नहीं समझ रहे हैं। जिसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-बलजीत, किसान, गांव नागपुर
पिछले 10 दिन से धान की सरकारी खरीद शुरू होने के इंतजार में बैठा हूं। धान की सरकारी खरीद करने के निर्देश लागू होने के बाद खरीद शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में मुझे अनाज मंडी में रात गुजारनी पड़ी है। व्यापारियों ने मेरी धान की फसल भाव 1550 रुपये प्रति क्विंटल लगाया है। जिसके कारण मुझे प्रति क्विंटल 700 रुपये का नुकसान हो रहा है।
-बलदेव राज, किसान, गांव सालमखेड़ा
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27 सितंबर को धान की सरकारी खरीद के निर्देश जारी होने के बाद फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में अपनी 4 एकड़ की फसल को मंडी में लेकर पहुंचा हूं। लेकिन मेरे पास अभी तक कोई भी व्यापारी नहीं पहुंचा है। मेरी धान की फसल बिल्कुल सुखी है। लेकिन फिर भी निजी खरीद पर व्यापारी 1800 रुपये प्रति क्विंटल की मांग कर रहे हैं।
-रामकुमार, किसान, गांव एमपी रोही
:: मंडी में परमल धान की ढेरियों में नमी की मात्रा ज्यादा है। जिसके कारण खरीद शुरू नहीं की गई। सरकार के अनुसार 17 प्रतिशत तक नमी वाले धान की खरीद की जाएगी। जैसे ही कोई किसान सरकार के मानकों को पूरा करेगा। उस किसान की धान की फसल की खरीद कर ली जाएगी।
-विनीत जैन, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद