कुलां (फतेहाबाद)। गांव धारसूल कलां से पांच दिन पहले लापता राजमिस्त्री गेलीराम सोमवार को धारसूल अनाज मंडी में स्थित 20 फीट गहरे और बंद पड़े सीवरेज टैंक में मिला। तीन दिन तक कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन दो दिन से आसपास की नहरों और रजवाहों में तलाश रहे थे। उसे जिंदा पाकर परिजनों की आंखें भर आईं।
टैंक में दो-तीन फीट तक गंदा पानी था। भूखे-प्यासे रहने के कारण शरीर बेहद कमजोर हो गया और हाथ-पैरों की त्वचा गलने लगी थी। टैंक से निकालकर टोहाना के नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि गेलरीम टैंक में कैसे गिरा।
गेलीराम का पता सुबह उस समय चला जब गांव का एक व्यक्ति रोजाना की तरह अनाज मंडी की ओर सुबह की सैर के लिए निकला। उस दौरान मंडी परिसर से गुजरते समय उसे एक गहरे टैंक की तरफ से किसी के कराहने और सिसकने की धीमी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह टैंक के पास पहुंचा और नीचे झांककर देखा तो एक व्यक्ति बदहवास हालत में पड़ा हुआ दिखाई दिया।
टैंक में व्यक्ति के पड़े होने की सूचना मिलते ही इसकी जानकारी उसके परिजनों और ग्रामीणों को दी गई। इससे कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद गेलीराम को करीब 20 फीट गहरे टैंक से सुरक्षित बाहर निकाला। उसे जिंदा देखकर परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने राहत की सांस ली।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार गेलीराम पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। बताया गया है कि करीब पांच दिन पहले वह अचानक घर से लापता हो गया था। इसके बाद काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी।
उन्हें डर था कि कहीं वह किसी हादसे का शिकार होकर नहर या रजवाहे में न गिर गया हो। इसी आशंका के चलते परिजनों ने पिछले दो-तीन दिनों से ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से आसपास की नहरों और रजवाहों में उसकी तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन लगातार तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
कुलां चौकी इंचार्ज कश्मीर सिंह ने कहा कि मामले में गेलीराम के लापता होने की शिकायत आई थी। पुलिस टीम तलाश में जुटी थी लेकिन इस दौरान सुबह टैंक में मिलने की सूचना मिली। अभी वह ठीक हालत में है।
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गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर
टैंक से बाहर निकालने के बाद गेलीराम को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से टोहाना के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी कमजोर और नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।