फतेहाबाद। यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने पांच से सत्रह साल के बच्चों को बड़ी राहत दी है। अब बायोमीट्रिक अपडेट के लिए सात से पंद्रह साल तक के बच्चों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
ये राहत एक अक्तूबर से ही शुरू हुई है और एक साल तक लागू रहेगी। पहले इसके लिए 125 रुपये प्रति अपडेट का खर्च आता था। इसे अब केंद्र सरकार द्वारा माफ किया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले से देशभर के छह करोड़ से अधिक बच्चाें को इसका फायदा मिलेगा। वहीं प्रदेश में इस योजना के तहत 10 लाख से अधिक बच्चों को लाभ मिलेगा।
पांच वर्ष की आयु पूरी करने पर पहला बायोमीट्रिक अपडेट अनिवार्य
नियमानुसार, बच्चे के पांच वर्ष की आयु पूरी करने पर उसके आधार में उंगलियों के निशान, आंखों की पुतली और तस्वीर का अद्यतन अनिवार्य है। इसे पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन (एमबीयू) कहा जाता है। इसी प्रकार 15 वर्ष की आयु पूरी करने पर बच्चे को एक बार फिर बायोमीट्रिक अपडेट कराना होता है, जिसे दूसरा एमबीयू कहा जाता है। पहला और दूसरा एमबीयू, यदि क्रमश: 5-7 और 15-17 वर्ष की आयु के बीच किया जाता है, तो निशुल्क होता है। इसके बाद, प्रति एमबीयू 125 रुपये का निर्धारित शुल्क लिया जाता है। इस निर्णय के साथ, अब 5-17 आयु वर्ग के सभी बच्चों के लिए एमबीयू प्रभावी रूप से निशुल्क है।
फतेहाबाद में आयोजित हुई जिलास्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक
लघु सचिवालय स्थित एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम में जिला स्तरीय आधार मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चंडीगढ़ से सहायक प्रबंधक बबीता रानी ने सभी नोडल अधिकारियों के साथ आधार से संबंधित जानकारी साझा की।