फतेहाबाद। जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन संबंधी कार्यक्रम में भी पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ही आगे हैं। इस वित्त वर्ष में जिले में मात्र छह पुरुषों ने ही नसबंदी ऑपरेशन करवाए जबकि 2,202 महिलाएं नलबंदी करवा चुकी हैं। ऐसे में अंदाजा लगा सकते है कि पुरुषों से कितने गुना महिलाएं इसके लिए गंभीर हैं। पुरुषों के नसबंदी ऑपरेशन न होने की एक वजह जिले में चार साल से एक भी सर्जन न होना है। सर्जन न होने के कारण यहां ऑपरेशन ही नहीं हो पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल और टोहाना उप नागरिक अस्पताल में 27 जनवरी तक नसबंदी पखवाड़ा शुरू किया है। रतिया में 19 जनवरी को शिविर लगना है लेकिन परिवार नियोजन के ऑपरेशन के लिए कोई पुरुष नहीं आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नसबंदी के लिए कोई केस आता है तो विभाग सर्जन की व्यवस्था करेगा। संवाद
जिले में परिवार नियोजन संबंधी ऑपरेशन
वर्ष महिलाएं पुरुष
2022-23 3,230 12
2023-24 2,202 6
प्रसव के बाद नलबंदी पर 2,200 रुपये देता है विभाग
स्वास्थ्य विभाग पुरुष नसबंदी करवाने वाले को दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देता है। अगर प्रसव के तुरंत बाद महिला नलबंदी करवाती है तो उसे 2,200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अगर बाद में करवाती है तो 1,400 रुपये विभाग देता है। कॉपर टी अपनाने वाली महिला को विभाग 300 रुपये देता है।
सर्जन पैनल पर लिया गया है
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनएसवी पखवाड़ा शुरू किया गया है, जो कि 27 जनवरी तक चलेगा। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम को निर्देश जारी किए हैं कि वह लोगों को जागरूक करें। विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। पुरुष नसबंदी के लिए आगे आएं, विभाग की तरफ से सर्जन पैनल पर है। ऑपरेशन के लिए दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- डॉॅ. निरपाल, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।