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Fatehabad News: शहर में कुत्तों के बधियाकरण और वैक्सीनेशन के लिए 36 शर्तों के साथ लगेगा टेंडर

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फतेहाबाद। शहर में आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को लेकर इनके वैक्सीनेशन और बधियाकरण को लेकर नगर परिषद टेंडर लगाने जा रहा है। इसको लेकर नगर परिषद ने प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। जिसमें 36 शर्तें तय की गई हैं। कुत्तों के बधियाकरण और वैक्सीनेशन को लेकर मंगलवार को नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह के बीच बैठक हुई। एनिमल बर्थ कंट्रोल के लिए कमेटी भी गठित की गई है।
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नगरपरिषद के चेयरमैन राजेंद्र खिंची ने पशुपालन विभाग के उप निदेशक को कहा कि जल्द से जल्द कुत्तों के बधियाकरण और वैक्सीनेशन को करवाया जाए। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह ने कहा कि जगह और पकड़ने के लिए टीम चाहिए। विभाग डॉक्टर और दवाई उपलब्ध करवा देगा। नगरपरिषद प्रधान ने कहा कि इसको लेकर जो नियम है उसके अनुसार टेंडर लगाया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही ये अभियान शुरू हो जाएगा। वहीं जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। जिसके जिला नगर आयुक्त चेयरमैन है। इसके अलावा सिविल सर्जन, पशुपालन विभाग के उप निदेशक, संबंधित क्षेत्र के वेटरनरी सर्जन, एसपीसीए सदस्य आदि शामिल किए गए हैं, पशुओं के बर्थ कंट्रोल को लेकर कमेटी फैसला लेगी। इस दौरान सेनेटरी इंस्पेक्टर ओंकार सिंह व महेश भी मौजूद थे।

एजेंसी को इन शर्तों का करना होगा पालन
- ठेकेदार को प्रति कुत्ता पकड़ने व छोड़ने के लिए रेट देना होगा।
- ठेका एक साल का होगा।
- ठेकेदार को कुत्तों को पकड़ने के लिए अनुभवी कर्मचारियों को रखना होगा।
- वेटरनरी डॉक्टर का प्रबंध ठेकेदार खुद करेगा।
- कुत्ते पकडऩे के लिए सामान, एंटी रेबीज दवाई, कुत्ते की खुराक, उपचार आदि का प्रबंध करना होगा।
- कुत्तों को रखने का स्थान, बिजली, ऑपरेशन थियेटर के लिए व्यवस्था करनी होगी।
- कुत्तों को पकड़ते समय कोई निर्दयता नहीं करनी होगी। ठेकेदार को नियमों का पालन करना होगा।
- ठेकेदार को नर और मादा कुत्तों का इंद्राज रजिस्टर में करना होगा।
- कुत्तों को पकड़ने के लिए औजार जाल या बोरी रस्सी के होने चाहिए।

- ठेकेदार के बिल की अदायगी पशुपालन विभाग के डॉक्टर व गठित टीम द्वारा सत्यापन के बाद होगी।
- कुत्तों के नसबंदी काम के बाद दाहिने कान पर मार्क का निशान भी करना होगा।
- शल्पक्रिया से ठीक होने के बाद कुत्तों को चार दिन तक चयनित जगह पर रखना होगा।

कोट
शहर में रोजाना 15 से 20 लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। इसको लेकर अस्पताल में मरीज टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। कुत्तों को पकडऩे और बाधियाकरण को लेकर टेंडर लगाया जा रहा है। इसको लेकर पशुपालन विभाग के उप निदेश के साथ भी बैठक हुई है।
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-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
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