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Fatehabad News: स्वतंत्रता सेनानी रणजीत ने शहीद भगत सिंह के साथ 6 महीने काटी थी कैद

Fri, 08 Aug 2025 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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रणजीत सिंह को मिले सम्मान दिखाते परिजन।
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फतेहाबाद। गांव धांगड़ के 14 शूरवीर स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई से जुड़े हैं। इनमें स्वतंत्रता सेनानी रणजीत सिंह भी शामिल रहे हैं। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने शहीद भगत सिंह के साथ 6 महीने लाहौर जेल में साथ बिताए थे।
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देश की लिए लड़ी गई आजादी की लड़ाई में दिए गए उनके योगदान को देखते हुए गांव धांगड़ के गौरव पट्ट पर रणजीत का नाम अंकित किया गया है। स्वतंत्रता सेनानी रणजीत सिंह का निधन मई 1993 में हो चुका है। भगवान दास ने बताया कि असहयोग आंदोलन 1920-1922 तक भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रमुख जन आंदोलन रहे। उनके पिता रणजीत ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया था।

इस दौरान उन्होंने शहीद भगत सिंह के साथ कोट लखपत लाहौर में 6 महीने का कारावास भी काटा था। स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी को देखते हुए उनको जीवनकाल दो बार ताम्रपत्र और मृत्यु के बाद उनके पोते को ताम्रपत्र से सम्मानित किया जा चुका है।
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गांव धागंड़ से 14 सेनानियों ने वर्ष 1931-32 के सिविल नारमानी और नमक सत्याग्रह तथा बाद में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेकर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया था। स्वतंत्रता के इन प्रहरियों ने देश की आजादी के लिए जेल भी काटी। अब इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों में कोई भी जीवित नहीं हैं।

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पहली बार ताम्रपत्र देश की आजादी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 अगस्त 1972 तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भेंटकर सम्मानित किया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शताब्दी वर्ष 1885 से 1985 के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए हरियाणा सरकार की ओर तत्कालीन मुख्यमंत्री भजनलाल ने 15 अगस्त 1985 को भेंट किया था। वहीं एक सम्मान मरणोपरांत भी प्रदान किया गया था।

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गांव में होना है पार्क का निर्माण

भगवानदास ने बताया के उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी रणजीत के नाम से गांव में पार्क का निर्माण किया जाना है। जिसकी कई बार घोषणा हो चुकी है लेकिन अभी तक नहीं बन सका है। सरकार को गांव के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर कुछ न कुछ निर्माण कार्य जरूर करवाना चाहिए ताकि आने वाली पीढि़यों को उनके योगदान के बारे में स्मरण रहे।
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