प्रेस वार्ता के दौरान बोलते मत्री कांबोजद।
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प्रदेश में 87 प्रतिशत तक राशनकार्ड डिजिटल हो चुके हैं। इस प्रक्रिया के तहत विभाग को छह लाख जाली राशन कार्ड मिले हैं, जिन्हें पूर्णरूप से अस्वीकृत कर दिया गया है। इससे विभाग को सालाना 113 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह खुलासा प्रदेश के खाद्य आपूर्ति राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज ने किया। बुधवार को फतेहाबाद के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत में कंबोज ने बताया कि एक नवंबर को खाद्य आपूर्ति विभाग पूर्णरूप से ऑनलाइन हो जाएगा और विभाग ने राशन कार्डों का डिजीटाइजेशन होगा।
मंत्री कंबोज ने कहा कि एक नवंबर से गोदाम से डिपो होल्डर तक राशन की गाड़ी निकलने पर संबंधित उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर मैसेज से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा गोदाम से डिपो होल्डर तक राशन ले जाने वाली गाड़ी का रंग भी अलग प्रकार का निर्धारित करने की योजना तैयार की है।
उन्होंने कहा कि डिपोधारक भी राशन मिलने के बाद मैसेज से अपने उपभोक्ताओं को राशन मिलने और वितरण की जानकारी उनके मोबाइल पर उपलब्ध करवाएंगे। यह सिस्टम भी जल्द लागू किया जाएगा। उपभोक्ताओं के बायो-मैट्रिक हाजिरी लगाने के बाद उसका पूर्ण विवरण कंप्यूटर पर दिखाई देगा। कर्णदेव कंबोज ने बताया कि इस साल के आखिर तक प्रदेश को पूर्णरूप से केरोसिन मुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पांच लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करवा दिए गए हैं और जल्द ही छह लाख और उपभोक्ताओं को यह सुविधा दी जाएगी।
राज्य मंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे दलहन की खेती करें ताकि दालों को बाहर से सप्लाई न करवाना पड़े। एक सवाल के जवाब में राज्य मंत्री कंबोज ने आरक्षण आंदोलन में दोनों विपक्षी दलों के रुख की निंदा करते हुए कहा कि पूर्व में आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा इन दलों के अब खुलकर आए रुख से पता लग रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, जिला प्रधान वेद फुलां, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी, रमेश मेहता, प्रवीण जोड़ा, राजेंद्र बीडीपीओ, डॉ. विरेंद्र सिवाच व अन्य मौजूद रहे