फतेहाबाद। भूना खंड में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र से लाभ लेने के कई मामले सामने आए हैं। सरकारी योजनाओं और खेल प्रतियोगिताओं में लाभ पाने के लिए कुछ लोगों ने गलत दस्तावेज तैयार कराए। जांच में सामने आया कि कई प्रमाणपत्रों में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का पता दर्शाया गया, जबकि संबंधित व्यक्तियों का वहां से कोई संबंध नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार कुछ नागरिक अपनी वास्तविक आयु 55 से 57 वर्ष होने के बावजूद दस्तावेजों में 60 वर्ष दिखा रहे हैं ताकि बुढ़ापा पेंशन जल्दी शुरू हो सके। इसी तरह खेल क्षेत्र में भी आयु कम या अधिक दिखाने के लिए प्रमाणपत्रों में बदलाव किया गया। क्रीड़ा विभाग में पहुंचे ऐसे मामलों ने संदेह पैदा किया जिसके बाद नागरिक संसाधन सूचना विभाग ने तकनीकी स्तर पर जांच की।
अभी तक की जांच में भूना खंड के 10 मामले सीधे तौर पर पकड़ में आ चुके हैं। क्रीड विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है। सभी में एक ही जिले का पता दर्ज मिला जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने कहा कि गलत दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर प्रमाणपत्र मिले फर्जी
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के बाद जब नागरिक बुढ़ापा पेंशन के लागू होने की जानकारी लेने पहुंचे तो विभाग के कर्मचारियों ने जन्म प्रमाण पत्रों पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन किया तो उनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। विभाग की जांच में पाया गया कि ये प्रमाण पत्र मूल रूप से किसी अन्य व्यक्ति के हो सकते हैं लेकिन पीडीएफ फाइल को एडिट करके भूना के निवासियों के नाम और विवरण डाल दिए गए।
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सीएससी से बनवाए थे फर्जी प्रमाण पत्र, सभी की बना दी एक ही जन्म तिथि
पकड़े गए फर्जीवाड़े में सभी 10 प्रमाण पत्रों में जन्म तिथि एक ही है और उनकी पंजीकरण संख्या भी आरोही क्रम में है। नागरिकों ने कबूला है की वे अपने पूरे जीवन में कभी उन्नाव या उत्तर प्रदेश नहीं गए और न ही वहां से उनका कोई पारिवारिक नाता है। उन्होंने स्थानीय बिचौलियों के माध्यम से सीएससी से फर्जी दस्तावेज बनवाए थे।
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:: जिले के नागरिकों से अपील है कि वे ऐसे कोई भी फर्जी प्रमाण पत्र न बनवाए। ऐसा करने पर उन पर कानूनी कार्रवाई और जेल का सामना करना पड़ सकता है। जिले में जो मामले सामने आए हैं उनकी गहनता से जांच की जा रही है।
- संदीप काजला, जिला कार्यक्रम अधिकारी, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।