प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल होते प
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फतेहाबाद से पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया चौथी बार पार्टी बदलते हुए कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इससे पहले वह भाजपा में थे। मगर उन्होंने 31 जनवरी को किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी बार सत्ता में आई भाजपा से मात्र सात महीने में ही उनका मोह भंग हो गया था। मंगलवार को गुरुग्राम में बलवान सिंह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल और प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए।
कभी कुलदीप बिश्नोई के खास थे बलवान सिंह
भाजपा से पहले बलवान सिंह दौलतपुरिया इनेलो में शामिल थे। इनेलो के टिकट पर ही वे 2014 में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इनेलो से पहले वह हजकां में रहते हुए कुलदीप बिश्नोई के खास माने जाते थे। मगर कुलदीप बिश्नोई द्वारा हजकां का कांग्रेस में विलय कर दिया गया, जबकि बलवान सिंह ने अपनी राहें अलग करते हुए इनेलो की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
दुड़ाराम और बलवान सिंह में रही है टक्कर
फतेहाबाद में पिछले सात साल से मौजूदा भाजपा विधायक दुड़ाराम और बलवान सिंह दौलतपुरिया के बीच कांटे की टक्कर रही है। 2014 में इनेलो से टिकट पाकर बलवान सिंह दौलतपुरिया ने तत्कालीन हजकां प्रत्याशी दुड़ाराम को 3500 से अधिक वोटों से हराया था। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में भी बलवान सिंह भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार थे। मगर ऐन वक्त पर दुड़ाराम भाजपा से टिकट पाने में बाजी मार गए। इस कारण दौलतपुरिया का टिकट कट गई। भाजपा से दुड़ाराम विधायक बन गए, ऐसे में भाजपा में बलवान सिंह दौलतपुरिया को ज्यादा तवज्जो नहीं मिल पाई। इस कारण किसान आंदोलन का मौका भुनाते हुए उन्होंने भाजपा छोड़ने का ऐलान कर दिया और अब कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
वर्जन
मंगलवार को मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली है। कांग्रेस में शामिल होकर अच्छा महसूस कर रहा हूं। कांग्रेस किसान, मजदूर, व्यापारियों व छोटे दुकानदारों के हितों की रक्षा करने वाली पार्टी है।
- बलवान सिंह दौलतपुरिया, पूर्व विधायक, फतेहाबाद