रतिया (फतेहाबाद)। क्षेत्र के गांव खूनन निवासी 33 वर्षीय युवक गुरप्रीत सिंह ने बुधवार सुबह अपनी पांच वर्षीय बेटी गुरुनिवास कौर को रोझांवाली पुल से भाखड़ा नहर में फेंक दिया। मानसिक तनाव से जूझ रहे गुरप्रीत ने घटना की जानकारी खुद अपनी पत्नी को दी जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। करीब पांच घंटे बाद बच्ची का शव गांव सरदारे वाला और पंजाब के फतेहपुर क्षेत्र के बीच नहर से बरामद किया गया।
सदर थाना प्रभारी शीशपाल सिंह के अनुसार, मानसिक तनाव से ग्रस्त व्यक्ति की ओर से पांच वर्षीय बच्ची को नहर में फेंकने की सूचना मिली थी। वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू करवाई। पुलिस और ग्रामीणों ने कई घंटे तक नहर में बच्ची की तलाश की। करीब तीन घंटे तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने हिसार से एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को बुलाया।
दोपहर करीब 3 बजे बच्ची का शव 25 किलोमीटर दूर गांव सरदारे वाला और फतेहपुर (मानसा) के बीच नहर से बरामद हुआ। शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। परिजनों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है। आरोपी पिता का उपचार करवाया जा रहा है।
दूसरी बेटी के जन्म के बाद तनाव में था गुरप्रीत
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की दो बेटियां थीं। दूसरी बेटी के जन्म के बाद से ही वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। करीब चार वर्षों से वह मानसिक परेशानी से जूझ रहा था और हिसार से उसका उपचार भी चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
स्कूल से बेटी को लेकर पहुंचा था नहर पर
परिजनों के अनुसार गुरप्रीत खेतीबाड़ी का कार्य करता है। उसकी बड़ी बेटी 10 वर्षीय है जो पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। छोटी बेटी गुरुनिवास कौर रॉयल पब्लिक स्कूल बहबलपुर में यूकेजी की छात्रा थी। बुधवार सुबह दोनों बेटियां रोजाना की तरह स्कूल वैन से स्कूल गई थीं। इसके बाद करीब 11 बजे गुरप्रीत बाइक से स्कूल पहुंचा और छोटी बेटी को अपने साथ ले गया। करीब आधे घंटे बाद वह रोझांवाली पुल पर पहुंचा और बच्ची को भाखड़ा नहर में फेंक दिया। इसके बाद वह घर पहुंचा और पत्नी को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर दी।