फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में फैली गंदगी, सांस के मरीज बढ़े

Sat, 22 Aug 2026 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
शहर के नागरिक अस्पताल में मरीजों के स्वास्थ्य जांच करते छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अरमान गढ़वाल। संव
विज्ञापन
फतेहाबाद। सफाई कर्मचारियों की 17 दिन से जारी हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। दुर्गंध और गंदगी से लोग परेशान हैं। इस कारण नागरिक अस्पताल में सांस संबंधी शिकायतों के साथ पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
विज्ञापन

कूड़ा लंबे समय तक जमा रहने से शहर के कई हिस्सों में गंदगी फैल गई है। इससे लोगों को आवाजाही में भी परेशानी हो रही है। कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी दर्ज हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक कूड़ा जमा रहने से वातावरण में धूल और धुआं बढ़ सकता है। संक्रमण फैलाने वाले तत्व भी बढ़ सकते हैं। इससे अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है।
विज्ञापन

चिकित्सकों ने बताया कि गंदगी बढ़ने से मच्छरों की संख्या भी बढ़ सकती है। इससे टाइफाइड, उल्टी-दस्त और बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों को साफ-सफाई रखने और दूषित पानी व भोजन से बचने की सलाह दी है।
-
कूड़े से पनप रहे रोग
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अरमान गढ़वाल ने बताया कि कूड़े के ढेर के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि कूड़ा लंबे समय तक पड़ा रहा और बारिश के कारण गीला हो गया तो इसमें मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाएगी। इससे मौसमी बीमारियों के साथ अन्य संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। सांस के मरीजों को ऐसे स्थानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
-
बचाव के उपाय
घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें और घर लौटने के बाद साबुन से हाथ-मुंह अच्छी तरह धोएं। भोजन को ढककर रखें और पीने के पानी को उबालकर या सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें तथा कूड़े के संपर्क में आने से बचें।
-
:: लगातार कई दिनों से कूड़ा जमा रहने से उसमें मच्छर व पैदा हो जाते हैं जिससे बीमारियां फैलने का डर रहता है। जब तक कूड़े का समाधान नहीं होता तब तक सावधानियां बरतें।
विज्ञापन

- डॉ. मनीष टुटेजा, छाती रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें