जानकारी के अनुसार, यह घटना 23 मई को रतिया के बीडीपीओ कार्यालय में हुई। सरपंच सर्वजीत सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह कार्यालय में अपने काम से आए थे, जहां पूर्व सरपंच धर्मपाल शर्मा पहले से मौजूद थे।
फतेहाबाद के रतिया में बीडीपीओ कार्यालय में गांव भुंदड़वास के सरपंच सर्वजीत सिंह और बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष व पूर्व सरपंच धर्मपाल शर्मा के बीच हुई मारपीट के मामले में रतिया शहर पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सरपंच सर्वजीत सिंह की शिकायत पर धर्मपाल शर्मा के खिलाफ और धर्मपाल शर्मा की शिकायत पर सरपंच सर्वजीत सिंह व उनके पांच समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर चुनावी रंजिश के चलते मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाया है।
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जानकारी के अनुसार, यह घटना 23 मई को रतिया के बीडीपीओ कार्यालय में हुई। सरपंच सर्वजीत सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह कार्यालय में अपने काम से आए थे, जहां पूर्व सरपंच धर्मपाल शर्मा पहले से मौजूद थे। वहां मौजूद एसडीओ के सामने सामान्य बातचीत के दौरान अचानक धर्मपाल ने तैश में आकर उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। सर्वजीत ने आरोप लगाया कि धर्मपाल ने उनके कपड़े फाड़े, दस्तार, दाढ़ी, गातरा और केश पकड़कर घसीटा, बाल खींचकर नीचे गिराया और थप्पड़-मुक्के मारे। सर्वजीत का कहना है कि धर्मपाल चुनाव में हार के कारण उनसे रंजिश रखते हैं।
वहीं, बीजेपी नेता धर्मपाल शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा कि वह अपने निजी काम से बीडीपीओ कार्यालय गए थे, जहां उनके साथ गांव का सतवीर भी था। वहां सरपंच सर्वजीत सिंह ने उन्हें घूरना शुरू किया और एसडीओ ऑफिस की ओर जाते समय उन्हें रोककर गंदी गालियां दीं। सर्वजीत ने उन पर आरटीआई लगवाने का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी। धर्मपाल के अनुसार, सर्वजीत और उनके साथ आए मक्खन सिंह, चमकौर सिंह, अमृतपाल, मनजीत और कुलविंद्र ने योजना के तहत उन पर हमला किया। आरोप है कि इन लोगों ने उन्हें और सतवीर को थप्पड़, मुक्के और लात-घूंसे मारे, नीचे गिराया और बेइज्जत किया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।