फतेहाबाद में सिविल सर्जन कार्यालय संवाद
फतेहाबाद। जिले में इस साल चार माह में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का कम जन्म हुआ है। लिंगानुपात में काफी गिरावट आई है। जिले का लिंगानुपात 900 से भी नीचे चला गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ गई है। सख्ती के बाद भी गिरावट के चलते स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि भ्रूण लिंग जांच को लेकर छापे मारे जाएं। जिले का पिछले चार माह का लिंगानुपात 893 रहा है। अप्रैल माह का लिंगानुपात बेशक ज्यादा रहा है लेकिन पिछले तीन माह का लिंगानुपात में गिरावट के कारण चार माह की रिपोर्ट पर असर पड़ा है। जिले में फिलहाल स्थित ये है कि एक हजार लड़कों के मुकाबले 893 लड़कियां है। पिछले चार माह में 2291 लड़कों के मुकाबले 2046 लड़कियां पैदा हुई हैं।
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जिले का पिछले 10 साल का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 924
2020 937
2021 898
2022 950
2023 934
2024 926
2025 961
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पिछले माह 53 गांवों को जारी हुए थे नोटिस
कम लिंगानुपात को लेकर फतेहाबाद सिविल सर्जन कार्यालय हर माह 900 से कम लिंगानुपात वाले गांवों की एएनएम को नोटिस जारी करके जवाब मांग रहे हैं। पिछले माह 53 गांवों को नोटिस भी जारी हुए थे। इन चिंताजनक आंकड़ों के चलते इस बार भी विभाग सख्ती कर सकता है।
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मार्च में रहा सबसे कम लिंगानुपात
माह लड़के लड़कियां लिंगानुपात
जनवरी 659 593 899
फरवरी 586 519 885
मार्च 537 451 839
अप्रैल 509 483 948
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ओटी बंद होने से जन्म दर कम हुई
जिला नोडल अधिकारी डॉ. निरपाल का कहना है कि अप्रैल माह का लिंगानुपात 948 रहा है जबकि पिछले तीन माह का लिंगानुपात कम रहने से कुल लिंगानुपात का आंकड़ा कम हुआ है। दूसरा कारण ये भी है कि नागरिक अस्पताल में डिलीवरी नहीं हो रही है। डिलीवरी केस अग्रोहा रेफर हो रहे हैं। जन्म दर कम होने से भी लिंगानुपात बिगड़ा है।