फतेहाबाद की प्रसिद्ध शादीराम घी वाली गली में स्थापित गणपति प्रतिमा।
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फतेहाबाद। फतेहाबाद की सबसे मशहूर शादी राम वाली गली में इस बार चौथी बार गणपति जी विराजे हैं। इस गली में सात दिन के बाद भगवान गणेश का विसर्जन कर दिया जाता है। हमेशा की तरह इस बार भी शादी राम वाली गली में इन दिनों गणपति महोत्सव की धूम है। यहां का जोश और उत्साह 11 दिन के गणपति पंडालों से कहीं कम नहीं है। शादीराम वाली गली में सीताराम दरबार मंदिर के सानिध्य में सार्वजनिक गणपति पंडाल का ये चौथा साल है और इस बार भी पूरी गलीवासी गणपति महोत्सव में जी जान से जुटे हुए हैं। रविवार को भट्टू वाली नहर में शादीराम गली के पंडाल में विराजे गणपति का विसर्जन किया जाएगा।
महाराष्ट्र की महिला आशा देवी की प्रेरणा से गली में आए पंडाल के गणपति
शादीराम वाली गली में स्थित सीताराम दरबार मंदिर के अंदर ही पहले छोटे से गणपति लाए जाते थे और मंदिर के अंदर ही पूजा-अर्चना कर उनका विसर्जन कर दिया जाता था। चार साल पहले गली में एक महाराष्ट्र का परिवार रहने के लिए आया। उस परिवार की एक महिला आशा देवी ने गणपति के दिन आने से पहले उन्होंने गलीवासियों को महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की धूम के बारे में जानकारी देते हुए गली में भी बड़े पैमाने पर गणेशोत्सव मनाने को कहा। गली वासियों को भी ये बात जंच गई और उसी साल से भगवान गणपति का सार्वजनिक पंडाल शादीराम वाली गली में स्थापित हो गया।
गली के लगभग हर घर में विराजते हैं गणपति, साथ ही होता है विसर्जन
चार साल से शादीराम वाली गली के अंदर सार्वजनिक पंडाल में गणपति की लगभग छह फीट की प्रतिमा स्थापित होती है। इसके चलते गली में सात दिन तक भक्तिमय माहौल रहता है और भगवान गणेश की भक्तिमय माहौल के चलते हर वर्ष गलीवासी अपने-अपने घरों में भी गणपति स्थापित करते हैं। इस बरस भी गली के पांच परिवारों ने अपने-अपने घर के अंदर छोटे छोटे गणपति स्थापित किए हुए हैं। ये परिवार भी सात दिन के बाद ही गणपति जी का विसर्जन करेंगे।
एक दिन लंगर और एक दिन भोलेनाथ का जागरण भी होता है गणपति पंडाल में
गली शादीराम वाली में महज गणपति पंडाल के चलते भगवान गणेश की ही नहीं, बल्कि उनके पिता महादेव भोलेनाथ की भी पूजा होती है। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए शादीराम वाली गली में भगवान भोलेनाथ का जागरण भी आयोजित किया जाता है। इसके अलावा एक दिन का लंगर भी गली वासियों की ओर से आयोजित किया जाता है जिसमें गली वासियों के साथ-साथ गरीब तबके के लोगों को भी एक समय का खाना दिया जाता है।