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Fatehabad News: खूंखार कुत्तों से दहशत, बच्चों और बुजुर्गाें पर कर रहे हमला

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फतेहाबाद। जिले में खूंखार कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है। शहर हो या गांव प्रत्येक गलियों में कुत्तों का झुंड घूमता रहता है। ये कुत्ते आने-जाने वाले लोगों पर हमला कर देते हैं, ज्यादातर ये बच्चों और बुजुर्गों पर हमला करते हैं। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो गर्मियों में कुत्ते खूंखार हो जाते हैं और काटने के मामले बढ़ जाते हैं।
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जिले में रोजाना 20 से 25 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं और नागरिक अस्पताल में हर माह 850 से 900 लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए आ रहे हैं। वहीं, आवारा कुत्तों के बधियाकरण करने की टेंडर की प्रक्रिया एक साल से प्रशासन के पास रुकी पड़ी है। पहले शर्तें पूरी न करने के कारण टेंडर रद्द कर दिया गया और फिर आचार संहिता लग गई।

अब दोबारा टेंडर लगाया गया तो एक ही एजेंसी के दस्तावेज पूरे मिले हैं। नगर परिषद अधिकारियों ने टेंडर खोलने को लेकर जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से मंजूरी मांगी है, अगर मंजूरी नहीं मिलती है तो प्रक्रिया रुक सकती है। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो तीन एजेंसियों ने आवेदन किया है, लेकिन भिवानी की एक एजेंसी के दस्तावेज पूरे मिले हैं। इसके अलावा अन्य के पास अनुभव और प्रमाणपत्र भी नहीं है।
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पालतू कुत्तों का नहीं करवाया गया पंजीकरण
नगर निकाय ने नगर परिषद और नगर पालिकाओं को पालतू कुत्तों के पंजीकरण को लेकर निर्देश दे रखे हैं। हालांकि जिले के किसी भी शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं करवाया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से भी इसको लेकर सख्ती नहीं की गई है।

केस नंबर एक : रिश्तेदारी में आए 10 साल के बच्चे पर हमला
शहर के भट्टू रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी में तीन मार्च को कुत्ते ने 10 साल के बच्चे को बुरी तरह से नोच लिया था। बच्चा अपने परिजनों के साथ गुरुग्राम से यहां रिश्तेदारी में मिलने के लिए आया हुआ था और सिरसा आगे शादी में जाना था। मामले में शहर पुलिस ने भट्टू रोड के ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी शाम लाल के बयान पर आरोपी कुत्ते के मालिक सुखविंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
केस नंबर दो : डेढ़ साल की बच्ची को 8 जगह से नोचा
पिछले साल 22 नवंबर को गांव मुस्सेअहली में घर के बाहर खेल रही डेढ़ साल की बच्ची को पालतू कुत्ते उठाकर ले गए थे और 8 जगह से नोच दिया था। बच्ची को गंभीर हालत में फतेहाबाद के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मामले में पुलिस ने बच्ची के पिता चांदी की शिकायत पर पालतू कुत्तों के मालिक गांव मुस्सेअहली निवासी सुरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया था।



कुत्तों का बधियाकरण और टीकाकरण करने वाली एजेंसी पर लगाई गई है ये शर्तें

- एजेंसी जितने भी कुत्तों का ऑपरेशन करेगी, उतने का ही भुगतान होगा।

- वेटरनरी डॉक्टर ठेकेदार को खुद रखना होगा।
- कुत्ते पकड़ने के साधन, एंटी रेबीज दवाई, कुत्ते की खुराक, कुत्ते के बीमार होने पर उसके उपचार को लेकर दवाइयों का प्रबंध खुद करना होगा।

- कुत्तों को रखने का स्थान, पानी, बिजली, ऑपरेशन थियेटर के लिए कमरे का प्रबंध करना होगा।
- कुत्तों को पकड़ते समय निर्दयता नहीं बरतनी होगी। सरकार द्वारा और एनिमल बोर्ड ऑफ इंडिया की तरफ से जो नियम बनाए गए है उनकी पालन ठेकेदार को करनी होगी।

- जिस क्षेत्र से कुत्तों को पकड़ जाएगा, रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को वापस छोड़ना होगा।
- बिल का भुगतान पशुपालन विभाग के डॉक्टर व कमेटी के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।

- नसबंदी के बाद कुत्ते के दाहिने कान पर वी मार्क का निशान लगाना होगा।
कोट

कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण को लेकर टेंडर लगाया गया था। तीन एजेंसी आई हैं और एक ही एजेंसी के दस्तावेज पूरे मिले हैं। टेंडर खोलने के लिए डीएमसी को पत्र लिखा गया है। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर खोल दिया जाएगा।
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-राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद
कोट

कुत्तों को पकड़ने के संबंध में शिकायत मिली है लेकिन सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश नही है, टीकाकरण को लेकर प्रक्रिया नगर परिषद की ओर से होती है।


-राजेश कुमार, इंचार्ज, पशु अस्पताल टोहाना।
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