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Fatehabad News: मेरे पास 50 रुपये नहीं, सरकार को वापस भेज दो कार्ड

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फते​हाबाद के नए बस स्टेंड परिसर में लाभा​र्थियों को हैप्पी कार्ड की सूचना के लिए फोन करते कर्मच
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फतेहाबाद। लाभार्थियों तक हैप्पी कार्ड पहुंचाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। बहुत से ऐसे लाभार्थी हैं जो अपने कार्ड प्राप्त करने के लिए 50 रुपये भी खर्च करने के लिए भी तैयार नहीं हैं। रोडवेज कर्मचारी लाभार्थियों को हैप्पी कार्ड ले जाने की सूचना दे रहे हैं तो उन्हें फोन पर अटपटे जवाब मिल रहे हैं। कोई बोल रहा है कि मेरे पास 50 रुपये नहीं है, सरकार को कार्ड वापस भेज दो तो कोई लाभार्थी घर पर कार्ड पहुंचाने के लिए बोल रहा है।
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बता दें कि हैप्पी कार्ड के लिए एक रोडवेज कर्मचारी करीब 250 लाभार्थियों को रोजाना फोन कर रहा है और इसके लिए 15 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी लाभार्थियों को हैप्पी कार्ड ले जाने को लेकर सूचना दे रहे हैं, लेकिन इस बीच कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। हैप्पी कार्ड को लेकर कर्मचारी दिन के समय लाभार्थियों को फोन करते हैं, लेकिन कुछ लाभार्थी उस समय फोन नहीं उठाते और रात के समय कर्मचारियों को फोन कर तंग करते हैं। कर्मचारी अपने फोन से लाभार्थियों को फोन कर रहे हैं।। जिले के 1.25 लाख लाभार्थियों को अंत्योदय परिवार परिवहन योजना के लाभ के लिए चिह्नित किया गया। रोडवेज विभाग के पास 1.9 लाख लाभर्थियों के हैप्पी कार्ड बनकर पहुंच चुके हैं, जिनमें से विभाग ने कुल 60 हजार हैप्पी कार्ड लाभार्थियों को बांट दिए हैं।

विभाग ने निर्धारित की है फीस
हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना के तहत जो कार्ड विभाग ने जारी किए गए हैं उन कार्ड की वैधता साल 2029 तक रहेगी। लाभार्थी सालाना एक हजार किलोमीटर तक ही इस योजना के तहत फ्री यात्रा कर सकते हैं। लाभार्थी की मर्जी है कि वे एक हजार किलोमीटर का सफर कितने दिनों में पूरा करता है। जब लाभार्थी एक हजार किलोमीटर तक फ्री यात्रा कर लेगा तो उसे अगले साल फिर वह लाभार्थी दोबारा एक हजार किलोमीटर फ्री यात्रा कर पाएंगे। वहीं सरकार के द्वारा फ्री यात्रा के लिए यात्रा कार्ड जारी किया गया है। उसकी विभाग ने 50 रुपये फीस तय की है। जो हर लाभार्थी को देनी ही पड़ेगी।
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आवेदन करते समय सीएससी वाले को पैसे दे दिए थे, अब आपको पैसे क्यों दें...
लाभार्थियों को फोन कर रहे कर्मचारी ने कहा कि सुबह जब उन्हें फोन करने के लिए सूची दी गई तो वे लाभार्थियों को फोन कर रहे थे। इस दौरान गांव धांगड़ के लाभार्थी को फोन कर बताया कि आपका व आपके परिवार के सदस्यों के हैप्पी कार्ड आए हुए हैं। वे फतेहाबाद के नए बस स्टैंड में आकर कार्ड प्राप्त कर लें। इस दौरान कर्मचारी ने बताया कि प्रत्येक कार्ड के 50 रुपये आपको देने होंगे। लाभार्थी ने बोला की जब ये योजना शुरु हुई थी, तब उन्होंने सीएससी संचालक को 300 रुपये दे दिये थे। अब मैं आपको किस लिए और पैसे दूं। कर्मचारी ने कहा कि ये सरकारी फीस है, ये आपको देनी ही पड़ेगी। अगर आपको फीस से संबंधित दिक्कत है तो हमारे उच्च अधिकारियों से मिल सकते है।

मैं राजनीतिक पार्टी से संबंध रखता हूं, आप कार्ड घर भेजो
लाभार्थियों को फोन कर रहे कर्मचारी ने कहा कि लाभार्थियों की सूची में शामिल गांव बड़ोपल के लाभार्थी को फोन किया और उसे बताया कि आपके परिवार के दो सदस्यों के हैप्पी कार्ड आए हुए। वे नए बस स्टैंड परिसर से आकर ले जाएं। लाभार्थी ने कहा कि मैं राजनीतिक पार्टी से संबंध रखता हूं। आपको मेरा कार्ड मेरे घर भेजना चाहिए। कर्मचारी ने कहा कि वे जब गांव में शिविर लगाएंगे। तब आपको सूचना दे देंगे। आप शिविर में आकर अपने कार्ड प्राप्त कर लेना। लाभार्थी ने कहा कि तुम जल्दी हमारे कार्ड घर भेजो।

केस नंबर 3
अगर पैसे ही देने हैं तो फिर क्या फायदा
लाभार्थियों को फोन कर रहे कर्मचारी ने कहा कि लाभार्थियों की सूची में शामिल गांव अयाल्की के लाभार्थी को फोन किया और उसे बताया कि आपके परिवार के सदस्यों के हैप्पी कार्ड आये हुए। वे नए बस स्टैंड परिसर से आकर ले जाएं। लाभार्थी ने पूछा कि इन कार्ड के लिए कोई पैसे भी देने पड़ेगें क्या। कर्मचारी ने बताया कि प्रत्येक कार्ड के 50 रुपये फीस लगेगी। लाभार्थी ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं है। अगर पैसे ही देने हैं तो फिर क्या फायदा, हमारे कार्ड वापस भेज दो।
कोट
जिन लाभार्थियों के हैप्पी कार्ड बने है उन्हें फोन करके सूचित किया जा रहा है। लेकिन कर्मचारियों के साथ लाभार्थी गलत व्यवहार कर रहे है। लाभार्थी सहयोग करें और जल्द से जल्द अपना कार्ड प्राप्त कर लें।
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- अजय दलाल, महाप्रबंधक, राेडवेज
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