जिले में गेहूं का उत्पादन पिछले सात सालों में लगातार बढ़ रहा है। किसानों की औसत पैदावार तो बढ़ी ही, साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ा है। अनुकूल वातावरण के चलते जहां किसानों ने साल 2010 में फतेहाबाद 51 मन प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन लिया तो वहीं 2012 में ये बढ़कर साढ़े 54 मन प्रति एकड़ हो गया। हालांकि बीच में एक साल मौसम की मार के चलते गेहूं के औसत उत्पादन में कमी जरूर आई लेकिन इस बार कृषि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पिछले सात साल के मुकाबले इस बार प्रति एकड़ उत्पादन सारे रिकार्ड तोड़ेगा। अब तक की आवक के अनुसार ये आंकड़ा 62 मन प्रति एकड़ तक जाने की संभावना कृषि विभाग जता रहा है।
इस वर्ष गेहूं की आवक में पिछले वर्ष की कुल आवक का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। पिछले वर्ष पूरे सीजन में केवल 5 लाख 95 हजार 404 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी, जबकि इस वर्ष जिला की मंडियों में अब तक 6 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। मार्किट कमेटी के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न मंडियों व खरीद केंद्रों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 1 लाख 42 हजार 508 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार हैफेड द्वारा 1 लाख 71 हजार 434 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 59 हजार 476 मीट्रिक टन, हरियाणा एग्रो द्वारा 1 लाख 68 हजार 322 मीट्रिक टन तथा हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 76 हजार 707 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार गेहूं का प्रति हेक्टेयर उत्पादन लगातार बढ़ रहा है जो केंद्रीय खाद्यान्न भंडार के लिए रिकॉर्ड पैदावार बनेगा। आंकड़ों की मानें तो साल 2010-11 में फतेहाबाद में प्रति हैक्टेयर 45 क्विंटल 26 किलोग्राम गेहूं का उत्पादन हुआ। इसके अगले साल ये बढ़कर 50.81 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया। साल 2012-13 में ऐसे रिकार्ड टूटे कि यहां की प्रति हैक्टेयर पैदावार 54 क्विंटल 72 किलोग्राम तक जा पहुंची। ये पैदावार सबसे ज्यादा मानी गई थी। इसके अगले साल यानि 2013-14 में ये औसत 53.18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रह गई। जबकि 2014-15 व 2015-16 में गेहूं की औसत पैदावार 48 क्विंटल से लेकर 47 क्विंटल तक हेक्टेयर तक रही। इस बार के आंकड़े फतेहाबाद के इतिहास बदलने वाले नजर आ रहे हैं। कृषि विभाग और गेहूं की आवक को आधार बनाया जाए तो इस बार ये पिछला रिकार्ड टूटना तय है। फतेहाबाद में इस बार एक लाख 86 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई। फतेहाबाद के राजस्थान सीमा से सटा भट्टू कस्बे में इस बार गेहूं का औसत उत्पादन 50 मन के करीब आंका जा रहा है, जबकि धान एरिया माना जाना वाला रतिया, जाखल और टोहाना में गेहूं की औसत पैदावार 62 से 68 मन प्रति एकड़ निकलकर आ रही है। जिसे कृषि विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार औसत 62 मन के करीब गेहूं अवश्य निकलेगी।
एक हेक्टेयर = ढाई एकड़
एक क्विंटल = ढाई मन
अब तक चार सौ एकड़ से अधिक गेहूं चढ़ चुकी आग की भेंट
इस बार हालांकि फतेहाबाद के किसानों की लगभग चार सौ एकड़ से अधिक गेहूं आगजनी की भेंट चढ़ चुकी है। कुछ दिन पहले अकेले गिल्लाखेड़ा गांव में लगी आग में ही तकरीबन 150 से 200 एकड़ गेहूं की फसल स्वाह हो गई थी। इसके अलावा फतेहाबाद, भूना, रतिया और टोहाना के विभिन्न गांवों में खड़ी फसल पर भी आगजनी कहर बरपा चुकी है। कृषि विभाग का मानना है कि अगर ये फसलें तबाह ना होती तो प्रति एकड़ निकलने वाली औसत पैदावार का आंकड़ा इससे भी कहीं अधिक होता।