अब तक पर्यटन स्थल को तरसने वाले फतेहाबाद के दिन फिरने वाले हैं। नगर परिषद की योजना सिरे चढ़ी तो फतेहाबाद में बहुत जल्द एक कृत्रिम वाटर फाल (झरना) दिखाई देगा। चिल्ली के किनारे बनाए जाने वाला ये कृत्रिम वाटर-फाल प्रदेश में अपनी तरह का पहला कृत्रिम वाटर फाल होगा। नगर परिषद इस झरने पर लगभग 15 लाख रुपये की लागत मानकर चल रही है। अगर ये योजना सिरे चढ़ती है तो चिल्ली की झील के साथ साथ फतेहाबाद के लोगों को रोज गार्डन और झरना भी साथ ही मिलेंगे। रोज गार्डन के लिए धरातल पर काम शुरू कर दिया गया है। अगले सप्ताह से चिल्ली की मौजूदा जगह पर रोज गार्डन की चारदीवारी का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी पुष्टि खबर नगर परिषद के एमई हरिकिशन शर्मा ने की है।
लगभग 35 फुट की ऊंचाई से गिरेगा पानी, लाइटिंग और म्यूजिक की भी तैयारी
नगर परिषद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिल्ली पर कृत्रिम वाटर फाल में लगभग 35 फुट की ऊंचाई पर एक टैंक बनाया जाएगा जिससे गिरता पानी ऐसा लगेगा मानों पहाड़ से झरना गिर रहा है। नगर परिषद के अधिकारी इसके साथ साथ लाइटिंग और म्यूजिक का इंतजाम करने की बात भी कह रहे हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इन सबके लिए जरूरी बजट नगर परिषद के पास पहले से पड़ा है। ऐसे में पैसों की कमी के चलते चिल्ली के सौंदर्यीकरण में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने वाली। इस बारे में फाइनल होने के बाद ही नगर परिषद प्रशासन चिल्ली में बोटिंग के विकल्प के बारे में सोचेगा।
चिल्ली की खुदाई के लिए टेंडर जारी, जल्द शुरू होगा काम
कई सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि चिल्ली के सौंदर्यीकरण की बात कागजों से निकलकर धरातल पर उतर रही है। बीते दिन डीसी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां का निरीक्षण किया था जिसके बाद उन्होंने बताया था कि चिल्ली की खुदाई और सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। ऐसे में इसकी खुदाई होने के बाद काम जमीनी स्तर पर भी शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही चिल्ली के किनारे-किनारे रोज गार्डन की परियोजना पर भी काम शुरू हो गया है। इसके लिए जरूरी पैमाइश शुरू कर दी गई है। साथ ही रोज गार्डन के लिए आवश्यक किनारों पर बाड़ या दीवार बनाने का काम इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना है।
संभावित मुश्किलों का पहले किया जा चुका है समाधान
चिल्ली के सौंदर्यीकरण में सबसे बड़ी दो मुश्किलें बताई जा रही थी। पहली ये कि शहर का सारा गंदा पानी पाइपलाइन के जरिए चिल्ली में ही जाकर गिरता है। ऐसे में अगर चिल्ली के सौंदर्यीकरण के प्रयास तब तक अधूरे हैं, जब तक इस समस्या का समाधान ना हो। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग आगे आया। अब जवाहर चौक में चिल्ली के पास से एक अंडरग्राउंड विशेष पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसके जरिये शहर का सारा गंदा पानी माजरा रोड़ स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। इसके अलावा दूसरी मुश्किल थी चिल्ली झील में नियमित रूप से स्वच्छ पानी की। इसके लिए सिंचाई विभाग ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। सिंचाई विभाग ने चिल्ली को नियमित रूप से नहरी पानी की सप्लाई की मंजूरी दे दी है।
चिल्ली के पास स्थित खेतों में छोटे खाल हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार बड़ाकर नहरी पानी इसमें डाला जाएगा। तीसरी मुश्किल थी कि शहर के साथ साथ बाहर के लोगों को यहां तक कैसे आकर्षित किया जाए। इसके लिए भी आसपास के किसान प्रशासन के साथ मिलने को तैयार हैं। बताया गया है कि शहर के बाईपास से चिल्ली और हैरीटेज पार्क तक एक सीधी सड़क बनाई जाएगी जिसके लिए किसानों से बातचीत जारी है। उम्मीद है कि बाईपास से लेकर यहां तक 33 फुट चौड़ी सड़क का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
बजट की कोई दिक्कत नहीं
चिल्ली झील पर एक कृत्रिम वाटर-फाल बनाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। बजट की कोई दिक्कत नहीं है। नगर परिषद के पास चिल्ली के लिए पांच करोड़ का बजट है और इसी में से वाटर फाल के लिए भी बजट एडजस्ट हो सकेगा
-एचके शर्मा, नगर परिषद एमई, फतेहाबाद ।