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सरकारी अध्यापकों के फरलो पर कैसे रहेगी नजर, सीसीटीवी योजना फेल

Sun, 01 Jan 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के दौलतपुर स्थित सरकारी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अपडेट करने की योजना पर खुद विभाग की लापरवाही भारी पड़ रही है। दस माह पहले शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की योजना को मंजूरी दी थी, लेकिन दस माह बाद भी आज तक किसी सरकारी स्कूल ने सीसीटीवी कैमरे स्कूल परिसर में नहीं लगवाए हैं। ऐसे हालात तब हैं, जब प्रत्येक स्कूल ने इसके लिए स्कूल फंड से ही पैसे निकलवाने थे।
स्कूलों में कैमरे लगवाने का मकसद सुरक्षा की दृष्टि के साथ-साथ विद्यार्थियों व अध्यापकों पर नजर रखना है। इन कैमरों को नगाने के लिए शिक्षा विभाग अलग से बजट जारी नहीं करेगा। कैमरे लगवाने के लिए शिक्षा विभाग स्कूल बजट में से ही मंजूरी देगा।
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शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव द्वारा पिछले मार्च में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को दिए गए निर्देश में कहा था कि जो स्कूल सीसीटीवी कैमरे लगवाना चाहेगा उसको स्कूल फंड में से मंजूरी दे दी जाए। शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद स्कूलों को सिर्फ कैमरे लगवाने एप्लीकेशन देनी होगी, जिसके बाद उन्हें मंजूरी मिल जाएगी। इसके बावजूद किसी स्कूल ने ना तो जिला मुख्यालय से इस बाबत कोई आवेदन किया और ना ही किसी स्कूल में सीसीटीवी कैमरा लगा।

फरलो मारने वालों पर कसेगी लगाम
जिले में 650 के लगभग सरकारी स्कूल हैं, जहां लाखों की संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। सरकारी स्कूलों में किसी प्रकार की सख्ती नहीं होती है और सीनियर सेकेंडरी के विद्यार्थी अपनी मर्जी से एक-दो पीरियड लगाने के बाद फरलो मार जाते हैं और अध्यापक भी ज्यादातर मस्ती करने में ही ध्यान देते हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग की यह पहल सही ढंग से शुरू होती है तो सरकारी स्कूल की व्यवस्था सुधारने में काफी मदद मिलेगी।

प्रिंसिपल की रहनी थी नजर
पत्र में निर्देश था कि सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगते हैं तो इनका कंट्रोल रूम प्रिंसिपल कक्ष में ही होगा। जहां पर बैठे स्कूल इंचार्ज तीसरी आंख की नजर से स्कूल की व्यवस्था पर नजर रख सकेंगे। साथ ही शिक्षा विभाग के औचक निरीक्षण में कैमरे काफी मददगार साबित होंगे। क्योंकि अधिकारी कैमरे की मदद से कभी पिछला रिकार्ड जांच सकेंगे, लेकिन खुद शिक्षा विभाग के अधिकारी ही इस ओर गंभीर दिखाई नहीं दिए।

क्या कहते हैं अधिकारी:
अभी तक किसी स्कूल की ओर से इस बारे में कोई आवेदन नहीं आया, जिसके चलते सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी नहीं लगाए जा सके। स्कूलों को जल्द ही इस बारे में फिर से कहा जाएगा।
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दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी

विभाग जल्द पूरी करवाए योजना : टुटेजा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास टुटेजा ने कहा कि विभाग जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को पूरा करवाए। इससे स्कूलों में फरलो तो रुकेगी ही, साथ ही कई स्कूलों में होने वाली चोरियों पर भी लगाम लगेगी।


 
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