मनोनीत पार्षदों के ऐलान में फतेहाबाद नगर परिषद का नाम होने से ये तय हो गया है कि फतेहाबाद में नगर परिषद मनोनीत पार्षदों को लेकर जिला भाजपा कमेटी का असमंजस अभी तक बरकरार है। हालांकि टोहाना में तीनों पार्षदों के ऐलान में पुराने वर्करों को तरजीह मिली है। हालांकि क्या टोहाना का फार्मूला फतेहाबाद में भी अपनाया जाएगा, यही सबसे बड़ा सवाल है जो भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच वायरल हो रहा है। दूसरी ओर मनोनीत पार्षदों के नामों को लेकर जिला कमेटी अध्यक्ष वेद फुलां की अध्यक्षता में लगातार माथापच्ची कर रही है।
नप चुनाव हार चुके उम्मीदवारों को मौका मिलने की संभावना
टोहाना में नगर परिषद के तीनों मनोनीत पार्षदों में दो पार्षद ऐसे हैं, जिनके परिजन बीता नप चुनाव भी लड़े थे, लेकिन या तो पार्टी लाइन पर चलते हुए अपनी सीट छोड़ दी, या फिर चुनाव हार गए। ऐसे कार्यकर्ताओं को मनोनीत पार्षद बनाकर भाजपा ने ये संदेश देने का प्रयास किया था कि उनके लिए पुराने कार्यकर्ता आज भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। पार्टी के इस फैसले से फतेहाबाद में भी नगर परिषद का चुनाव गवां चुके कई नेता भी अपनी गोटियां फिट करने में जुट गए हैं। दूसरी ओर फतेहाबाद के पुराने कार्यकर्ता भी मनोनीत पार्षदों की जगह पर अपने नाम का ऐलान करवाने के लिए प्रयासरत हो गए हैं।
अविश्वास प्रस्ताव में नहीं कर सकते वोटिंग, बाकी शक्तियां सामान्य पार्षद की तरह
नगर परिषद के मनोनीत पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव में वोटिंग को छोड़कर बाकी सभी शक्तियां सामान्य पार्षदों की तरह हैं। उन्हें भी अपने वार्ड की समस्या को उठाने और उसके समाधान कराने का पूरा हक होता है। इसके अलावा नगर परिषद की बैठक में भी हिस्सा लेने का अधिकार नगर परिषद के मनोनीत पार्षद को भी होता है। एक सामान्य पार्षद को मिलने वाले वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं का भी मनोनीत पार्षद पूरी तरह इस्तेमाल कर सकता है।
मंथन जारी, जल्द होगा ऐलान : फुलां
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष वेद फुलां इस मामले में कहते हैं कि सभी कार्यकर्ता पार्टी के लिए आवश्यक हैं। सभी की भावनाओं का कद्र किया जाएगा। जिसे भी मनोनीत किया जाएगा, बाकी साथी उनका समर्थन करेंगे। फुलां ने कहा कि इस बारे में मंथन किया जा रहा है। जल्द इस बाबत औपचारिक ऐलान भी कर दिया जाएगा।