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खबर के बाद जागा प्रशासन, पेंशन में पुराने नोटों के वितरण की सच्चाई जानने पहुंचीं एसडीएम

Thu, 24 Nov 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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कमाना में जांच करते हुए एसडीएम । - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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  गंाव कमाना, लाली और खुनन सहित अन्य गांवों में डाकघर संचालकों द्वारा नोटबंदी के बाद भी 1000 और 500 के पुराने नोट पेंशनधारकों को देने के मामले में ‘अमर उजाला’ में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए बुधवार को एसडीएम पूजा चावरिंया ने गांव कमाना के डाकघर का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं। हालांकि मौके पर उनको डाकघर में ताला लटकता मिला। इसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों से पुराने नोट बांटे जाने की बात पूछी। उनके साथ तहसीलदार दिनेश ढिल्लो, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार तथा एसईपीओ ओमप्रकाश भी थे। एसडीएम चावरियां ने कमाना डाकघर पहुंचकर मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की और पूरी स्थिति का जायजा लिया।
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एसडीएम ने निर्देश जारी किए कि डाकघर में पेंशन वितरण कार्य गांव के प्रमुख व्यक्तियों की मौजूदगी में होना चाहिए तथा पुरानी करेंसी का वितरण बिल्कुल नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने उनकी मौजूदगी में पेंशन वितरण कार्य में बुधवार सुबह से 100-100 के नोट बंटने की बात कही और बताया कि फिलहाल पुरानी करेंसी नही बंट रही।

उन्होंने कहा कि पहले जरूर पुराने नोट दिए गए थे। इस पर एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि अगर पुरानी करेंसी का वितरण हो रहा हो तो मौके पर कर्मचारी को पकड़वाएं और इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। इस प्रकार का मामला अगर संज्ञान में आया और कोई कर्मचारी मौके पर यह कार्य करता मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। सभी ग्राम सचिवों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने गांव में पेंशन वितरण के समय निगरानी रखें कि कहीं भुगतान के समय पुराने नोट तो नहीं बांटे जा रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि जो पुराने नोट बांटे गए हैं, उसकी पूरी रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय में भेजी जाए।
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