नोट बंदी के बाद कालेधन को खपाने की चाहत में अब तक दिहाड़ीदार मजदूरों को आगे करने वाले फतेहाबाद जिले के धनकुबेरों की नजर अब जिले के जनधन खातों पर पड़ गई है। अगस्त 2014 में शुरू होने के बाद जिन हजारों जनधन खातों में अब तक जीरो बैलेंस होता था, उन खातों में अब तक लगभग 28 करोड़ रुपये जमा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार ये सारे का सारा पैसा कालाधन होने की आशंका है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से जनधन खातों को लेकर नई गाइडलाइंस की बात की जा रही है लेकिन फतेहाबाद में अभी इस प्रकार के कोई आधिकारिक आदेश बैंकों के पास नहीं पहुंचे हैं। हां, दस हजार से नीचे की डिमांड रखने वाले शादी वाले घरों को अब किसी प्रकार का कोई घोषणापत्र या बिल नहीं दिखाना पड़ेगा। दूसरी ओर बुधवार को भी एटीएम और बैंकों में भारी भीड़ लगी रही।
85 से 90 फीसदी जनधन खातों में नहीं था कोई पैसा
लीड बैंक के आंकड़ों को आधार बनाया जाए तो फतेहाबाद जिले में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी जनधन योजना के तहत फतेहाबाद जिले में 2 लाख 40 हजार (30 सितंबर तक) से अधिक खाते हैं। इन खातों को विभिन्न बैंकों ने लगातार कई दिनों तक अभियान चलाकर खोला था। जनधन योजना के तहत अधिकतर खाते छोटे दुकानदार, मजदूर, रिक्शा चालक, मनरेगा मजदूर और बीपीएल लोगों के थे। पैसे ना डाले जाने के चलते जिले के ढाई लाख बैंक खातों में से तकरीबन 85 से 90 फीसदी खातों में जीरो बैलेंस था। सूत्रों की मानें तो रिजर्व बैंक से इन खातों के खाली रहने पर जवाबतलबी की गई तो देशभर के बैंकों के अधिकारियों ने खुद अपनी जेब से इन खातों में पांच-पांच-दस-दस रुपये डाल दिए थे ताकि इन खातों को जीरो बैलेंस की ब्लैक लिस्ट से बाहर रखा जा सके।
नोटबंदी के आदेश के अगले ही दिन जमा हुआ सवा करोड़
बैंक के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 8 नवंबर की रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पांच सौ और हजार के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगाया और इसके बाद दो दिन के लिए बैंक बंद कर दिए गए। इसके बाद बैंक दस नवंबर को खुले और 11 नवंबर को अकेले फतेहाबाद जिले के पंजाब नेशनल बैंक के जनधन खातों में कुल 1 करोड़ 12 लाख रुपये जमा हो गया। बैंक अधिकारी इस बात की तस्दीक तो करते हैं कि 11 नवंबर को जनधन खातों में लगभग सवा करोड़ के करीब जमा हुआ था लेकिन वो उपभोक्ता की निजता उल्लंघन के चलते ये बताने को तैयार नहीं हैं कि किस व्यक्ति के खाते में कितना पैसा एक ही दिन में जमा हुआ।
अभी तक बैंकों तक नहीं पहुंची जनधन खातों को लेकर नई गाइडलाइंस
आरबीआई ने जनधन योजना के तहत खोले गए खातों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। हालांकि अभी तक वे नई गाइडलाइंस बैंकों तक नहीं पहुंची हैं। इसके चलते बैंक अभी भी पुरानी स्थिति पर ही काम कर रहे हैं। नई गाइडलाइंस के अनुसार बैंकों द्वारा जनधन खाताधारकों को नई चेकबुक एवं रूपे कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में इन खाताधारकों को अपने खाते से पैसा निकलवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
फतेहाबाद जिले में तकरीबन ढाई लाख जनधन योजना के तहत खोले गए खाते हैं। नोटबंदी के बाद से अब तक इन खातों में लगभग 28 करोड़ से अधिक जमा हो चुके हैं। इन खातों में से लगभग 85 से 90 प्रतिशत खातों का संचालन ही नहीं किया जा रहा था। पंजाब नेशनल बैंक के खातों में लगभग 7 करोड़ आ चुका है।
-जीएस मल्होत्रा, लीड बैंक अधिकारी, फतेहाबाद।