अनाज मंडी भूना में धान की खरीद न होने से भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने सिरसा-चंडीगढ रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित किया। जाम स्थल पर किसानों ने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। थाना प्रभारी जय भगवान सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने जाम खुलवाने का प्रयास किया। मगर किसान जाम स्थल से हटे नहीं और नारेबाजी करनी शुरू कर दी। मार्केट कमेटी के सचिव रविंद्र और नायब तहसीलदार होशियार सिंह जांगड़ा ने किसानों को धान खरीद का आश्वासन देकर सिरसा-चंडीगढ़ मार्ग पर बाधित यातायात व्यवस्था को सुचारू करवाया।
यूनियन के जिला महासचिव जिया लाल, एडवोकेट अजय कुमार झांझडा, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, हवा सिंह, नरेंद्र सिंह, रामकुमार, सूरजभान, बलजीत सिंह, मान सिंह, बलबीर सिंह, राजकुमार आदि ने बताया कि अनाज मंडी भूना में पिछले 15 दिनों से किसानों की धान की फसल बेचने के लिए लाए थे। परंतु कोई भी खरीददार नहीं है। जिससे दीपावली के त्योहार पर किसान अपने घर पर नहीं जा सकता। क्योंकि किसान अनाज मंडी में पड़ी धान की फसल लावारिस पशुओं व चोरी के डर से रखवाली रख रहा है। किसान और मजदूर की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
मंडी में पक्षपात का लगाया आरोप
यूनियन नेता जिया लाल ने कहा कि प्रदेश भर में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी घासी राम नैन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। यूनियन किसानों की हर समस्या समाधान के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए पीछे नहीं हटेगी। जाम स्थल पर किसानों का आरोप था कि अनाज मंडी भूना में पक्षपात किया जा रहा है। जो भाजपा सरकार से जुड़े हुए हैं उनकी धान की फसल अधिकारी रातों-रात खरीद लेते हैं। लेकिन अन्य किसान अपनी फसल बेचने के लिए पिछले एक पखवाड़े से भटक रहा है।
इसमें खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की सरकार को बदनाम करने की भी साजिश है। किसानों ने करीब डेढ़ घंटे तक सिरसा-चंडीगढ रोड पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके कारण रोड पर आने जाने वाले लोग जाम से बेहाल हो गए। इससे अव्यवस्था का माहौल पैदा हो गया। नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया।