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हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों को अस्पताल से बाहर निकालने के आदेश

Fri, 28 Oct 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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अस्पताल परिसर में एंबुलैंस का इंतजार करते नवजात बच्चे के माता एवं परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच का टकराव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के अस्पतालों में धारा 144 लगाने के निर्देश के बाद फतेहाबाद के सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने अस्पताल परिसर में धरना दे रहे हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस देकर अस्पताल परिसर से बाहर धरना देने को कहा तो दोनों पक्षों में तनाव फैल गया। हालांकि मौके की नजाकत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ज्यादा सख्ती नहीं की। दूसरी ओर हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों के पक्ष में वीरवार को सर्वकर्मचारी संघ और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने भी समर्थन दे दिया है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को इस मुद्दे पर फिर से स्वास्थ्य विभाग और हड़ताली कर्मचारियों के बीच टकराव हो सकता है।  

नवजात संग डिस्चार्ज होने वाली महिलाएं हुईं परेशान
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते वीरवार को भी मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को आई। वीरवार को कई बार ऐसी स्थिति आई कि नवजात के साथ अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाली महिलाओं को भी निजी एंबुलेंस या रिक्शा आदि का सहारा लेकर अपने घर जाना पड़ा। इसके चलते उन्हें उनका किराया भी खुद ही भरना पड़ा जबकि सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस नि:शुल्क है।
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दिवाली में बढ़ सकती है विभाग की मुसीबत
दो दिन में दिवाली का त्यौहार है। गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों को एनएचएम कर्मचारी ही संभालते आए हैं। ऐसे में ये कर्मचारी अगर हड़ताल पर रहते हैं तो दिवाली के मौके पर स्वास्थ्य विभाग को काफी परेशानी का सामना करना तय है। दिवाली पर आतिशबाजी के चलते अक्सर कुछ लोग घायल हो जाते हैं। ऐसे में उनको समय पर एंबुलेंस न मिलने से स्थिति और खतरनाक हो सकती है। बीते दिन ही टोहाना में एंबुलेंस की हड़ताल के चलते घायल युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

कर्मियों को अस्पताल से बाहर करना तुगलकी फरमान
हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों के जिलाध्यक्ष कुलदीप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों का दावा तो करती है, लेकिन वास्तव में सरकार और स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के दमन पर अड़ गई है। कर्मचारियों को अस्पताल से बाहर करवाने का निर्णय सुनाना साफ तौर पर तुगलकी फरमान है। हम अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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अस्पताल परिसर में धरना नहीं देने देंगे : सीएमओ
उच्चाधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि हड़ताली कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से 100 मीटर दूर रखा जाए। इसके लिए धारा 144 लगा दी गई है। शुक्रवार से अस्पताल परिसर में हड़ताली कर्मचारी धरना नहीं दे सकेंगे। उम्मीद है कि वे बात मानेंगे और टकराव की नौबत नहीं आने देंगे।
 
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