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प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर भूना के तीन बैंकों की जांच कराने की मांग

Wed, 14 Dec 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, भूना
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 नोट बंदी के 34 दिन बीतने के बाद भी लोगों को नई करेंसी प्राप्त करने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। मगर बैंक से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। भूना निवासी कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, रामनिवास, बलजीत सिंह, हवा सिंह, सुंदर कुमार, सुजाता आदि ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर भूना की तीन बैंकों की जांच कराने की मांग की है।

लोगों ने बताया कि पंजाब नैशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और ओरियंटल बैंक आफॅ कामर्स भूना में प्रभावशाली लोगों को लाखों रुपये हाथोंहाथ दिए गए हैं जबकि आम आदमी को दो हजार रुपये भी लाइनों में लगने के बाद भी नहीं मिलते। शिकायतकर्ताओं ने प्रधानमंत्री से उपरोक्त तीनों बैंकों की डिटेल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से काले धन को सफेद किया गया है। उधर, पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक राहुल झांव ने बताया कि नोट बंदी के दौरान बैंक में निष्पक्षता से काम किया गया है। किसी भी व्यक्ति को नियमों के विपरीत कैश नहीं दिया गया है। स्टेट बैंक के प्रबंधक परमजीत सिंह ने भी शिकायत कर्ताओं के आरोपों का खंडन किया है।


कैश लेस के खिलाफ हैं लोग
शिकायतकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि नोटबंदी का फैसला सराहनीय है मगर कैशलेस प्रणाली से लोग अधिक प्रभावित हुए हैं। इन लोगों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर कैशलेस प्रणाली को लागू किया जाना कठिन है।
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क्योंकि हमें मजदूरी लेने और देने, किरायणों की दुकानों पर घरेलू समान की खरीददारी करने आदि मुश्किलों से ही लोग परेशान होंगे। इसलिए कैशलेस नीति को ग्रामीण स्तर पर छूट देनी चाहिए। यह कैश लेस प्रणाली बडे़ शहरों और उद्योगपतियों तक ही सीमित रहनी चाहिए।
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