नई अनाज मंडी में धान की झार के लिए चल रहे पंखे से निकलने वाली धूल मंडी वासियों और वहां स्थित सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए समस्या बन गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार संबधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है, लेकिन किसी ने समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि मंडी के दूसरी ओर बने स्कूल और मकानों में रहने वाले लोगों का धूल के चलते जीना दूभर हो गया है।
इन दिनों अनाज मंडी धान से पूरी तरह से अटी पड़ी है और धान की झराई के लिए पंखे लगाए गए हैं। इसके चलते सारा दिन धूल उनकी दुकानों और मकानों में आते हैं। इससे गले और सांस की बीमारियां बढ़ रही है। बीते दिन इसी को लेकर आढ़ती, पल्लेदारों व अन्य ने प्रदर्शन कर प्रशासन से धान की झार के लिए लगाए गए पंखे बंद करवाने की मांग थी। वीरवार को भी मंडी में प्रदर्शन करने वाले राजेंद्र ने बताया कि मंडी में काम करने वाले मजदूर और अन्य आसपास के अनेकों शहरवासी बीमारी की चपेट में है।
वहीं मंडी के साथ लगते सरकारी स्कूल के बच्चें ने बताया कि पूरे दिन मंडी में लगाए गए धान की झराई वाले पंखों से धूल आती रहती हैै। दूसरी ओर स्कूल के संस्कृत अध्यापक राजीव कुमार ने बताया कि दिनभर धान की झराई की धूल स्कूल में आती है, जिससे बच्चों का पढ़ना दूभर हो गया है। कई बच्चे तो बीमार भी हो गए हैं, जो स्कूल नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा कि वे मांग करते है कि पंखों को बंद करवाया जाए। इस बारे में जब मार्केट कमेटी के अधिकारियों से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नही उठाया।