जिले में बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्मॉग का असर रहा। हालात मंगलवार के मुकाबले बुधवार को और भी ज्यादा खराब रहे। स्मॉग के चलते दिनभर धूप नहीं निकली और आसमान में धुएं और कोहरे की मिक्स चादर छाई रही। लोगों को आंखों में जलन के साथ अन्य कई परेशानियां भी उठानी पड़ी। चिकित्सकों के अनुसार इसमें सांस के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। चिकित्सकों ने बच्चों और वृद्घों को बहुत जरूरी हो तभी बाहर जाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार जब तक हवा और बारिश नहीं होती, तब तक स्मॉग का कहर जारी रहेगा। रात का तापमान भी बढ़ने की अंदेशा जताया गया है।
बुधवार को आसमान में फैले धुएं के बारे में लोग परेशान दिखाई दिए तो आंखों में जलन और सांस में तकलीफ महसूस की गई। लोग इसे पराली जलाने को मुख्य कारण मान रहे थे, जबकि मौसम विभाग और कृषि विभाग के अनुसार दिवाली की आतिशबाजी और पराली के धुएं के मिश्रण से स्मॉग ने फैला है। वायुमंडल में धुआं ऊपरी सतह तक नहीं पहुंच पाया और 100 से 150 मीटर ऊंचाई पर ही रह गया। इस कारण ये धुआं कार्बन और धूल बन गया।
बढ़ सकता है रात का तापमान
हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डा. राज सिंह के अनुसार दिवाली पर पटाखे और पराली जलाने से हुआ मिश्रण आसमान और वातावरण पर भारी पड़ रहा है। ये आसमान की ऊपरी सतह पर पहुंचने की बजाए बीच में ही रह गया और जब तक तेज हवा और बारिश नहीं होती, इसका प्रकोप लगातार रहेगा। डॉ. सिंह के अनुसार इससे रात का तापमान भी बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस समय यहां का न्यूनतम तापमान 13.1 व अधिकतम 28.4 के करीब चल रहा है।
सांस के रोगी मास्क का प्रयोग करें
चिकित्सक डॉ. अंशुल सहगल के अनुसार दो दिन से खांसी, जुकाम और निमोनिया के मरीज बढ़ रहे हैं। सांस और दमे की मरीजों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। डॉ. सहगल के अनुसार इससे वृद्धों एवं बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। उन्होंने सलाह दी है कि सांस और दमे के रोगी मास्क लगाकर रहें। बच्चों और वृद्धों को बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही बाहर भेजा जाए।