नोटबंदी के बाद पूरे देश में कैशलेस व्यवस्था जोर पकड़ने लगी है। हालांकि, एक जनवरी से कार्ड स्वैप मशीनों और अन्य ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज फिर से शुरू होने से व्यापारी वर्ग पशोपेश में है। ऑनलाइल ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त चार्ज लगने से उपभोक्ताओं को काफी नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन पेमेंट पर चार्ज बंद करने की मांग की है।
सरकार के आह्वान पर ही हमने पीओएस और पेटीएम जैसे अन्य विकल्पों की ओर रुझान बढ़ाया। इनके जरिए हम बैंकिंग सिस्टम के अंदर भी शामिल हुए। लेकिन सरकार फिर से कार्ड स्वैप और अन्य ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाकर व्यापारियों को फिर से इस ओर से मुंह मोड़ने को मजबूर कर रही है।
धीरज चौधरी, स्थानीय व्यापारी, फतेहाबाद
मैंने बैंक में विशेष तौर पर चालू खाता खुलवाकर पीओएस के लिए अप्लाई किया है। लेकिन अगर सरकार फिर से सरचार्ज का सिस्टम शुरु करती है तो मुझे कैशलेस व्यवस्था के लिए एक बार फिर विचार करना होगा। हमारे बिजनेस में दो-तीन प्रतिशत ही मार्जन होता है, अगर वो भी सरचार्ज में चला जाएगा तो हमारा कैसे काम चलेगा।
दीपक लूना, स्थानीय व्यापारी, फतेहाबाद
कैशलेस व्यवस्था को लागू कराने में व्यापारियों ने सरकार का साथ दिया। अब सरकार की जिम्मेदारी है वह सुनिश्चित करे कि व्यापारियों के हितों पर किसी प्रकार की कोई आंच नहीं आनी चाहिए। पीओएस पर सरचार्ज लगाने से सीधा नुकसान व्यापारियों को होगा तो व्यापारी इसका बोझ ग्राहकों पर ही डालेंगे।
लीला कृष्ण मेहता, स्थानीय व्यापारी, फतेहाबाद
फतेहाबाद में अब 400 पीओएस की डिमांड
नोटबंदी के बाद से अब तक जिले के विभिन्न बैंकों में तकरीबन चार सौ पीओएस मशीनों के लिए डिमांड आ चुकी है। कई आवेदन दस्तावेजों की कमी के कारण पेंडिंग हैं। खुद बैंकों को स्वैप मशीनों की डिलीवरी पर्याप्त संख्या में नहीं हो पा रही है। एकाएक कैशलेस व्यवस्था की ओर व्यापारियों के मुड़ने से एकदम से पीओएस मशीनों को लेकर इतनी मांग बढ़ी है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से पूर्व विधायक को लगी चपत
पूर्व विधायक कामरेड हरपाल सिह ने आरोप लगाया है कि ई-बैंकिंग का प्रचार कर उपभोक्ताओं के साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते दिन उन्होंने अपनी अपनी कार में कुरुक्षेत्र के एक पेट्रोल पंप से 1650 रुपये का तेल भरवाया और इसका भुगतान ई-बैंकिंग से किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने उनकेे खाते से 1650 की बजाय 1697 रुपये काटकर मोबाइल पर मैसेज कर दिया। उसने पेट्रोल पंप के कारिंदों से बात की तो उन्होंने लेनदेन की रसीद नंबर 4800 उसे थमा दी, जिसमें काटी गई राशी 1650 ही दिखाई गई थी। बैंक द्वारा ई-बैंकिंग के माध्यम से किए गए भुगतान के एवज में 47.52 रुपये काटे जाने पर पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि ई-बैंकिंग के प्रचार से उपभोक्ताओं को बैंक चूना लगा रहे हैं।