फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वार्ड 9 की पार्षद बीबो इंदौरा की जमानत याचिका खारिज

Tue, 03 May 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जिप चेयरमैन चुनाव से ठीक पहले वार्ड नंबर 9 की जिला पार्षद बीबो इंदौरा की जमानत याचिका खारिज हो गई है। ऐसा होने से 6 मई को जिप चेयरमैन के चुनाव में उनके वोट डालने पर भी सस्पेंस पैदा हो गया है। क्योंकि पुलिस उनकी तलाश में कई जगह दबिश दे रही है। दूसरी ओर बीबो इंदौरा ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया है। जबकि भाजपा विरोधी मोर्चे के संयोजक जिप पार्षद रामचंद्र सहनाल इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं। अगर बीबो इंदौरा वोट डालने से वंचित हो जाती हैं तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलना तय है।
विज्ञापन

इस मामले में जमानत याचिका हुई है खारिज
जिला परिषद के वार्ड नंबर 9 की पार्षद बीबो इंदौरा पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी निराश्रित पेंशन लेने एवं अपनी मां को गांव बबनपुर के सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाने का आरोप है। बीबो इंदौरा के खिलाफ ये शिकायत जाखल के एक अध्यापक ताराचंद ने की है। ताराचंद एवं बीबो इंदौरा के बीच पहले भी कई बहस होने की सूचना है। इस मामले में पुलिस ने बीते दिनों बीबो इंदौरा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए पार्षद बीबो इंदौरा ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका लगाई थी लेकिन वो याचिका खारिज हो गई। जमानत याचिका खारिज होते ही बीबो इंदौरा ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया है ताकि पुलिस मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर उन तक ना पहुंच सके।
बीबो इंदौरा का वोट ना देना भाजपा के लिए लाभदायक
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के गृह जिले में जिला परिषद चेयरमैन का चुनाव बराला के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। इसलिए भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां इस मामले में प्रत्येक पैंतरा फूंक-फूंककर रख रहे हैं। अगर 6 मई को बीबो इंदौरा चेयरमैन के चुनाव में वोटिंग नहीं कर पाती है तो इसका सीधा फायदा भाजपा खेमे को होना तय है।
विज्ञापन

18 सदस्यीय जिला परिषद में भाजपा विरोधी मोर्चा 11 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रहा है। ऐसे में अगर बीबो इंदौरा 6 मई को चुनाव के दौरान नहीं पहुंच पाती तो बाकी बचे 17 सदस्यों में से साधारण बहुमत से हार-जीत का फैसला होगा। 17 सदस्यों में से 9 सदस्यों का समर्थन जुटाने वाला खेमा अपना चेयरमैन बनाने में कामयाब हो जाएगा। ऐसे में भाजपा विरोधी मोर्चे के पार्षदों को तोड़ने के लिए दिन-रात एक करेगी। विरोधी मोर्चे के पास बीबो के बिना भी 10 पार्षदों का साथ रह जाएगा। ऐसे में विरोधी मोर्चे को अपने पार्षदों को एकजुट रखना होगा अन्यथा उनके हाथ से जीती हुई बाजी खिसकनी तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें